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Himachal News: 9वीं से 12वीं कक्षा वाले स्कूलों से भेजे जाएंगे सरप्लस शिक्षक, शिक्षा मंत्री ने मांगी सूची
Thu, 22 Aug 2024 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Thu, 22 Aug 2024 05:00 AM IST
सार
हिमाचल में नवीं से बारहवीं कक्षा वाले स्कूलों से आवश्यकता से अधिक नियुक्त शिक्षक शिफ्ट किए जाएंगे। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने उच्च शिक्षा निदेशालय से इसी माह सरप्लस शिक्षकों की सूची मांगी है।
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शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में अब प्राइमरी और मिडल के बाद अब हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में भी शिक्षकों का युक्तीकरण शुरू होगा। नवीं से बारहवीं कक्षा वाले स्कूलों से आवश्यकता से अधिक नियुक्त शिक्षक शिफ्ट किए जाएंगे। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने उच्च शिक्षा निदेशालय से इसी माह सरप्लस शिक्षकों की सूची मांगी है। इसके अलावा पांच से कम विद्यार्थियों की संख्या वाले हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूल मर्ज करने को लेकर भी विचार शुरू हो गया है।
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विभागीय अधिकारियों ने बताया कि विद्यार्थियों की कम संख्या वाले उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों से कई विषय शिफ्ट होंगे। उच्च शिक्षा निदेशालय ने जिला उपनिदेशकों से विद्यार्थियों के दाखिलों का ब्योरा एकत्र कर लिया है। विषयवार और कक्षावार नामांकन की अलग-अलग से जानकारी भी ली गई है। कई वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में कुछ विषयों में विद्यार्थियों का नामांकन बहुत कम है। ऐसे विषयों को साथ लगते अधिक विद्यार्थियों की संख्या वाले स्कूलों में शिफ्ट करने का विचार है।
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कम विद्यार्थियों की संख्या वाले स्कूलों से संबंधित विषयों के शिक्षकों को आवश्यकता वाले स्कूलों में तैनाती दी जाएगी। उच्च शिक्षा निदेशालय ने प्रवक्ता स्कूल न्यू, डीपीई सहित गैर शिक्षकों का युक्तीकरण करने का फैसला लिया है। इसके अलावा जिन स्कूलोंं में विद्यार्थियों के दाखिले कम हैं, ऐसे स्कूलों को मर्ज करने का प्रस्ताव भी बनाया जाएगा। विद्यार्थियों की कम संख्या वाले प्राथमिक और मिडल स्कूलों की तर्ज पर वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल भी साथ लगते स्कूलों में मर्ज किए जा सकते हैं।
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बता दें कि बीते दिनों ही प्रदेश सरकार ने विद्यार्थियों की शून्य संख्या वाले 99 स्कूल बंद करने का फैसला लिया है। पांच या पांच से कम विद्यार्थियों की संख्या वाले 419 प्राथमिक और मिडल स्कूल मर्ज करने का निर्णय हुआ है। इन स्कूलों को दो से तीन किलोमीटर के दायरे वाले स्कूलों में मर्ज किया जा रहा है।