{"_id":"652a58a33e15b4a66a046293","slug":"himachal-news-success-story-of-rahul-assistant-professor-commerce-2023-10-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"उपलब्धि: राहुल बने सहायक प्रोफेसर, पांच बार पास की यूजीसी नेट परीक्षा, परिवार में खुशी का माहौल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उपलब्धि: राहुल बने सहायक प्रोफेसर, पांच बार पास की यूजीसी नेट परीक्षा, परिवार में खुशी का माहौल
Sat, 14 Oct 2023 02:31 PM IST
अरविन्द ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 14 Oct 2023 02:31 PM IST
सार
28 वर्षीय राहुल बिजली बोर्ड में बतौर जेओए (अकाउंट्स) सेवाएं दे रहे हैं। अब वह उच्च शिक्षा विभाग में बतौर सहायक प्रोफेसर सेवाएं देंगे।
विज्ञापन
सहायक प्रोफेसर बनने पर राहुल को मिठाई खिलाते माता-पिता।
- फोटो : संवाद
विस्तार
अर्की के गागल (गयाणा) गांव के राहुल लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास कर कॉलेज कैडर में सहायक प्रोफेसर (कॉमर्स) बने हैं। राहुल इस परीक्षा में उतीर्ण होने वाले अपने गांव से पहले अभ्यर्थी हैं। राहुल ने संजौली कॉलेज से बीकॉम करने के बाद सेट के साथ-साथ यूजीसी नेट जेआरएफ उतीर्ण किया।
विज्ञापन
उनका सपना नेट-जेआरएफ उतीर्ण करना था, इसके चलते उन्होंने पांच बार नेट की परीक्षा उतीर्ण की। छठे प्रयास में जेआरएफ में सफलता पाई। वर्तमान में वह पीएचडी भी कर रहे हैं। 28 वर्षीय राहुल बिजली बोर्ड में बतौर जेओए (अकाउंट्स) सेवाएं दे रहे हैं। अब वह उच्च शिक्षा विभाग में बतौर सहायक प्रोफेसर सेवाएं देंगे।
विज्ञापन
राहुल ने सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, छोटे भाई अंकित और गुरुजनों को दिया है। राहुल के पिता संत राम प्रारंभिक शिक्षा विभाग में बतौर चालक कार्यरत हैं। माता मोना देवी गृहिणी हैं। बेटे की कामयाबी पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि राहुल ने कड़े संघर्ष के पश्चात यह मुकाम हासिल किया है।
विज्ञापन