फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal News: Rajya Sabha passes Sirmour hatti community Tribal bill

Hati Tribal Bill: पांच दशक लंबा संघर्ष लाया रंग, हाटी बिल राज्यसभा से भी पारित

Wed, 26 Jul 2023 10:30 PM IST
अरविन्द ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, नाहन (सिरमौर)
संवाद न्यूज एजेंसी, नाहन (सिरमौर) Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Wed, 26 Jul 2023 10:30 PM IST
सार

14 सितंबर 2022 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जिला सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र के हाटी समुदाय को जनजाति का दर्जा दिए जाने को मंजूरी प्रदान की थी।

विज्ञापन
Himachal News: Rajya Sabha passes Sirmour hatti community Tribal bill
हाटी समुदाय (फाइल फोटो) - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के हाटी समुदाय का पांच दशकों लंबा शांतिपूर्ण संघर्ष आखिरकार रंग लाया। बुधवार को समुदाय को जनजाति का दर्जा देने का बिल राज्यसभा से भी पास हो गया। यह बिल लोकसभा में बीते वर्ष 16 दिसंबर को पारित हुआ था। अब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हस्ताक्षर के बाद जिले के चार विधानसभा क्षेत्रों की 154 पंचायतों के दो लाख लोगों को उनका जनजातीय सांविधानिक अधिकार मिल जाएगा।

विज्ञापन

विज्ञापन



केंद्रीय जनजातीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने दोपहर बाद राज्यसभा में बिल पेश किया। दो घंटे चर्चा के बाद अपराह्न 4:00 बजे के आसपास बिल पारित हो गया। राज्यसभा से बिल पारित होते ही सिरमौर के ट्रांसगिरि इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई है। बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, सांसद सुरेश कश्यप, पूर्व विधायक बलदेव तोमर, विधायक रीना कश्यप और पूर्व मंत्री सुखराम चौधरी के प्रयासों से इस मामले में एथनोग्राफिक रिपोर्ट शोध संस्थान के गठन के बाद केंद्र को भेजी थी। भाजपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में हाटी समुदाय को जनजातीय दर्जा देने का वादा किया था, जिसे भाजपा सरकार ने पूरा कर गिरिपार के हाटी समुदाय को उनका अधिकार दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये रहे मुख्य पहलू
- वर्ष 2021 में तत्कालीन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हाटी समुदाय की एथनोग्राफिक रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी
- 13 अप्रैल, 2022 को रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया ने समुदाय को जनजाति घोषित करने की मांग को स्वीकृति दी
- 14 सितंबर, 2022 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने समुदाय को जनजाति का दर्जा देने की मंजूरी दी
- 9 दिसंबर को केंद्रीय जनजातीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने बिल लोकसभा में प्रस्तुत किया, जिसे 16 दिसंबर को लोकसभा ने पारित किया।
- 26 जुलाई को राज्यसभा में बिल केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने दोपहर बाद प्रस्तुत किया जो अपराह्न 4:00 बजे पारित हो गया।

कांग्रेस सरकार ने पहली बार इसका प्रस्ताव तैयार किया, विधेयक पारित होने का स्वागत: नरेश चौहान

मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार मीडिया नरेश चौहान ने कहा है कि कांग्रेस सरकारें हमेशा इस पक्ष में रही हैं कि हाटी समुदाय को जनजातीय दर्जा दिलाया जाना चाहिए। यहां तक कि पहली बार इस संबंध में पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में प्रस्ताव तैयार किया गया। यही नहीं कांग्रेस ने इस संबंध में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में भी एक अध्ययन करवाया था।

कांग्रेस हमेशा इस मामले को आगे बढ़ाने के पक्ष में रही है। हाटी समुदाय को जनजातीय दर्जा देने का विधेयक राज्यसभा में पारित होने का सरकार स्वागत करती है। भाजपा से पहले कांग्रेस ने कवायद को शुरू किया था। प्रदेश के लोग इस बात को अच्छी तरह से जानते हैं।

भाजपा ने दिलाया जनजातीय का दर्जा : धर्माणी

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता महेंद्र धर्माणी और बलदेव तोमर ने कहा है कि हाटी समुदाय को 50 साल के लंबे संघर्ष के बाद केंद्र की भाजपा सरकार ने जनजातीय का दर्जा दिया। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री अमित भाई शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर, सांसद सुरेश कश्यप और सभी सांसदों का आभार व्यक्त किया है।

भाजपा नेताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, सांसद सुरेश कश्यप, जिला सिरमौर भाजपा के नेता चौधरी सुखराम, बलदेव तोमर, रीना कश्यप, बलदेव भंडारी, जिला अध्यक्ष विनय गुप्ता, प्रदेश भाजपा के समस्त नेतृत्व की ओर से हाटी समुदाय के सभी लोगों और प्रदेश वासियों को इस निर्णय की बधाई दी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed