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छात्र कल्याण निधि से खरीद डाली फूलों की टोकरी, खाद और कुर्सियां
Wed, 02 Sep 2020 11:13 AM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 02 Sep 2020 11:13 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान शाहपुर में छात्र कल्याण निधि के बजट से ही फूलों की टोकरी, खाद और कुर्सियां खरीदी गईं। आईटीआई शाहपुर में पानी की सुविधा दिलाने को भी प्रशिक्षुओं का पैसा खर्च कर दिया गया। यही नहीं इस संस्थान ने उस दौरान आईपीएच महकमे को भी छात्र निधि से पांच लाख रुपये दे दिए थे, जिससे पानी का प्रबंध किया गया।
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सीओई भवन निर्माण को भी छात्र निधि से ही 25 लाख रुपये का कर्ज दिया गया। इसमें से आडिट के वक्त तक 13 लाख रुपये ही वसूल किए गए। यह खुलासे हाल ही में सामने आई ऑडिट रिपोर्ट में हुए हैं।
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यह ऑडिट इस संस्थान के वर्ष 2013 से लेकर 2016 के बीच के लेख-जोखे पर किया गया। सार्वजनिक की गई इस ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार जांच के दौरान पाया गया कि इस संस्थान में 36 हजार रुपये का अनियमित व्यय किया गया। छात्र कल्याण निधि से दो हजार रुपये निकालकर मैसर्ज संजय कुमार थुलैल से एक ट्रॉली खरीदी गई।
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ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट निधि से 2,220 रुपये खर्च कर वीके फ्लॉवर नर्सरी गग्गल से फूलों की टोकरी खरीदी गई। ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट निधि से ही 32,130 रुपये खर्च कर 12 पीवीसी चेयर खरीदी गईं।
अंकेक्षण के दौरान जांच में पाया गया कि वर्ष 2011-12 में निदेशक तकनीकी शिक्षा से मंजूरी लेकर छात्र कल्याण निधि से ही 25 लाख रुपये कर्ज के रूप में सीओई भवन के निर्माण के लिए जारी किए गए। इसमें से 13 लाख 49 हजार 707 रुपये वसूल किए गए, मगर 11 लाख 50 हजार 293 रुपये नहीं वसूले गए।
सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग के अधिशासी अभियंता को छात्र कल्याण निधि से पांच लाख रुपये का भुगतान किया गया, जबकि यह आईएमसी से किया जाना था। इसे संस्थान को पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करवाने के लिए किया गया, जबकि ऐसा नहीं किया जा सकता था।