Kinnaur Landslide: नेशनल हाईवे बंद होने से टापरी मंडी में फंसा 12 हजार पेटी सेब, बागवान परेशान
किन्नौर जिले के किसानों-बागवानों की आर्थिकी का मुख्य साधन सेब और मटर की फसल निगुलसरी में एनएच बाधित होने के कारण फंस गई है। जिले के टापरी स्थित एकमात्र फल मंडी में बागवानों की करीब 12 हजार सेब की पेटियां फंस गई हैं।
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निगुलसरी के 26 सेक्टर में वीरवार रात को पहाड़ी से भूस्खलन होने से बागवानों की वर्ष भर की मेहनत पर पानी फिरने के आसार बढ़ गए हैं। सड़क का करीब 400 मीटर हिस्सा ध्वस्त होने से बागवानों की सेब की फसल टापरी मंडी में फंस गई है। किसानों-बागवानों को अपनी नकदी फसल मंडी पहुंचाने की चिंता सता रही है। हालांकि जिले के किसानों-बागवानों की सेब और मटर की फसल मंडी पहुंचाने के लिए छोटा कंबा के पास स्पेन लगाया जा रहा है।
गौर हो कि किन्नौर जिले के किसानों-बागवानों की आर्थिकी का मुख्य साधन सेब और मटर की फसल निगुलसरी में एनएच बाधित होने के कारण फंस गई है। जिले के टापरी स्थित एकमात्र फल मंडी में बागवानों की करीब 12 हजार सेब की पेटियों फंस गई हैं। इनमें करीब 10 हजार पेटियां ट्रकों और छोटे वाहनों में लोड की गई हैं, जबकि बागवानों की ढाई हजार पेटियां मंडी में फंसी हुई हैं। ऐसे में बागवानों और आढ़तियों की परेशानियां बढ़ गई हैं।
हालांकि मंडी में व्यापार कर रहे आढ़तियों का कहना है कि यदि समय रहते नेशनल हाईवे वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल नहीं हुआ, तो उन्हें मजबूरन सेब की फसल वाया काजा-मनाली होते हुए प्रदेश और देश की विभिन्न मंडियों में पहुंचानी पड़ेगी। ऐसे में उन्हें करीब चार सौ किलोमीटर अतिरिक्त सफर और आर्थिक मार झेलनी पड़ेगी। बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने जिले के किसानों-बागवानों को आश्वासन दिया है कि एनएच को जल्द वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सेब और मटर की फसल को मंडी पहुंचाने के लिए छोटा कंबा के पास दुमती में स्पैन लगाने का कार्य प्रगति पर है।
जल्द ही इसे शुरू कर किसानों-बागवानों को राहत दी जाएगी। जिले के बागवानों की फसल को हर सूरत में मंडियों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। भाजपा जिलाध्यक्ष यशवंत सिंह नेगी, निचार मंडल अध्यक्ष मदन दनोरू, पूह मंडल अध्यक्ष सुभाष छोरज्ञा, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष प्रवीन मोयान ने कहा कि यदि समय पर सड़क बहाल नहीं होती है तो मजबूरन काजा वाया मनाली होकर सेब की फसल मंडी पहुंचानी होगी, जिससे अधिक समय और आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। उन्होंने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से समय रहते सड़क बहाल करने की मांग उठाई है।
जिला प्रशासन की मुस्तैदी से नहीं हुई कोई हानि
जानकारी के मुताबिक वीरवार को निगुलसरी में हल्का-हल्का भूस्खलन शुरू हो गया था। इसके चलते यहां से गुजर रहे दो वाहन भी एक चट्टान की चपेट में आ गए थे। हालांकि इस हादसे में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। इसके तुरंत बाद जिला प्रशासन ने निगुलसरी में संवेदनशील बने इस स्थान पर वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लगा दी थी। यदि रोक न लगती तो देर रात यहां कोई हादसा पेश आ सकता था। जिला प्रशासन की सूझबूझ और मुस्तैदी के कारण बड़े हादसे से बचा जा सका।