फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal News: indigenous rapid test kit for tuberculosis

चीन नहीं, स्वदेशी रैपिड टेस्ट किट से होगी टीबी की पहचान

Mon, 07 Dec 2020 10:46 AM IST
अरविन्द ठाकुर हरदेव हरि, अमर उजाला नेटवर्क, मंडी
हरदेव हरि, अमर उजाला नेटवर्क, मंडी Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Mon, 07 Dec 2020 10:46 AM IST
विज्ञापन
Himachal News: indigenous rapid test kit for tuberculosis
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

देश में टीबी रोग की पहचान के लिए अब चीन या अन्य देशों में बनी रैपिड टेस्ट किट पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। जल्द ही स्वदेशी रैपिड किट भारतीय बाजारों में उतरेगी। इससे आम लोग भी घर बैठे टीबी की जांच कर सकेंगे। आईआईटी मंडी के बेसिक साइंस विभाग ने इस किट को तैयार करने में सफलता प्राप्त की है। 2017 में साइंस एंड इंजीनियरिंग रिसर्च बोर्ड ने आईआईटी मंडी को यह जिम्मा सौंपा था, जिसे अब आईसीएमआर ने हरी झंडी दे दी है। यह शोध प्रकाशित भी हो चुका है। 

विज्ञापन


कोरोना काल में अब इस शोध से देश भर में टीबी रोगियों की शीघ्र पहचान हो सकेगी। कुछ मिनट में किट के इस्तेमाल से रोगियों में टीबी का पता लग जाएगा। यह प्रेग्नेंसी किट की भांति होगी। आईआईटी प्रोफेसर डॉ. सरिता आजाद ने बताया कि किट से संबंधित शोध साइंस एंड इंजीनियरिंग रिसर्च बोर्ड को सौंपा जा चुका है। आईसीएमआर ने हाल ही में टीबी रोगियों की ट्रूनेट तकनीक को भी विकसित किया है, जिसे डब्ल्यूएचओ ने विश्व टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में शामिल किया है। 
विज्ञापन


देश के 730 जिलों में अधिक प्रकोप
देश में टीबी रोगियों के इलाज के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कार्यक्रम चला है। वर्ष 1997 में भारत के संशोधित राष्ट्रीय टीबी रोग नियंत्रण कार्यक्रम (आरएनटीसीपी) के बाद डब्ल्यूएचओ ने डायरेक्टली ऑब्जर्ड ट्रीटमेंट शॉर्ट कोर्स (डाट्स) भारत में लागू किया। विश्व में भारत समेत छह देश ऐसे हैं, जिनमें दुनिया भर के 60 फीसदी टीबी रोगी हैं। भारत में आरएनटीसीपी के तहत हिमाचल के आठ जिलों समेत देश भर के 730 जिलों में यह कार्यक्रम चला है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कोरोना से ज्यादा टीबी से मौतें
भारत में 2019 में ट्यूबर क्यूलॉसिस के 24 लाख केस सामने आए हैं। 79,000 लोगों की टीबी से मौत हुई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार हर तिमाही 20,000 लोगों की टीबी से मौत होती है। इसकी तुलना में कोविड-19 से पिछले साढ़े तीन महीनों में भारत में लगभग 15,000 लोगों की मौत हुई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed