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विवादों में रही हैं एचआरटीसी की भर्तियां, 2003-04 में एक आईएएस, पांच अधिकारियों को बनाया गया था आरोपी
Mon, 19 Oct 2020 11:16 AM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 19 Oct 2020 11:16 AM IST
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प्रदेश में हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) भर्ती हमेशा से ही विवादों में रही है। वर्ष 2003-04 में कंडक्टर भर्ती मामले में एक आईएएस और पांच अधिकारियों को आरोपी बनाया गया था। आरोप यह था कि इस भर्ती प्रक्रिया में 300 पदों को भरने के बजाय 378 पद भरे गए। परिवहन निगम की ओर से यह भर्ती की गई थी। यह मामला कोर्ट तक पहुंचा।
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इसी तरह वर्ष 2016 में भी 498 पदों के लिए आवेदन मांगे गए। इसमें कांगड़ा जिले में सबसे ज्यादा लोगों की नियुक्ति होने से भर्ती विवादों में रही। उसके बाद वर्ष 2017-18 में 1078 पदों के लिए टीएमपीए (कंडक्टर) भर्ती मामला भी लंबे समय तक कोर्ट में चला रहा। लगातार कंडक्टर भर्ती को लेकर उठ रहे सवालों के चलते भाजपा सरकार ने कमीशन के तहत पदों को भरने का फैसला लिया था।
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रविवार को इसकी लिखित परीक्षा ली गई। कमीशन की ओर से 568 पदों के लिए 304 सेंटर बनाए गए। इसमें 60 हजार अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। 10 से 12 बजे दो घंटे की यह लिखित परीक्षा थी, लेकिन पेपर शुरू होने के करीब 25 मिनट बाद प्रश्न पत्र व्हाट्सएप के माध्यम से बाहर आ गया। धीरे-धीरे यह सोशल मीडिया में चल पड़ा। इसके बाद कमीशन और पुलिस महकमे ने आगामी कार्रवाई अमल में लाई है।
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