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एचआरटीसी बीओडी: अनुबंध पर लाए जाएंगे 989 पीस मील वर्कर, करुणामूलक वालों को तीन माह में मिलेगी नौकरी
Sat, 18 Dec 2021 06:22 PM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 18 Dec 2021 06:22 PM IST
सार
परिवहन मंत्री विक्रम सिंह ठाकुर ने बताया कि वर्तमान में 755 पीस मील वर्कर पात्र हैं। 1 दिसंबर 2021 तक रिक्त 631 पदों पर इन्हें नियुक्तियां दी जाएंगी। शेष पीस मील वर्करों को 31 मार्च व 30 सितंबर 2022 तक रिक्त होने वाले पदों के अनुसार अनुबंध पर लाया जाएगा।
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प्रेस वार्ता करते परिवहन मंत्री विक्रम सिंह ठाकुर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में करीब बीस दिन से जारी 989 पीस मील वर्करों की हड़ताल से बिना मरम्मत एक हजार से ज्यादा बसें खड़ी होने के बाद राज्य सरकार ने अब इन्हें अनुबंध नीति के तहत लाने का फैसला ले लिया है। रिक्त पदों के हिसाब से पीस मील वर्करों को लाभ दिया जाएगा। पहले चरण में आईटीआई व पांच साल का अनुभव, नान आईटीआई व छह साल के अनुभव वालों को सौगात दी जाएगी।
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वर्तमान में ऐसे 755 पीस मील वर्कर पात्र हैं। 1 दिसंबर 2021 तक रिक्त 631 पदों पर इन्हें नियुक्तियां दी जाएंगी। शेष पीस मील वर्करों को 31 मार्च व 30 सितंबर 2022 तक रिक्त होने वाले पदों के अनुसार अनुबंध पर लाया जाएगा। यह फैसला शनिवार को राजधानी शिमला में आयोजित हिमाचल पथ परिवहन निगम के निदेशक मंडल (बीओडी) की बैठक में लिया गया है।
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बैठक के बाद परिवहन मंत्री बिक्रम ठाकुर ने पीस मील वर्करों से टूल डाउन हड़ताल खत्म कर काम पर लौटने की अपील की है। मंत्री ने कहा कि अब एक्सीडेंट में ड्राइवर, कंडक्टर और मेकैनिक की मृत्यु होने की स्थिति में उनके आश्रितों को तीन महीने के अंदर विभाग करुणामूलक नौकरी देगा। अगर पद खाली न भी हुए तो नए पद सृजित किए जाएंगे। सालाना आय की कोई शर्त नहीं रखी जाएगी।
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इन्हें क्लास थर्ड और क्लास फोर पर लगाया जाएगा। इससे पहले बिक्रम ठाकुर ने कहा कि कोरोना काल में एचआरटीसी को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। बसों का संचालन प्रभावित होने की वजह से निगम को 840 करोड़ रुपये की चपत लगी है। इससे निपटने के लिए हिमाचल सरकार ने 940 करोड़ रुपये का अनुदान दिया है।
505 नई बसें खरीदेगा एचआरटीसी
मंत्री ने बताया कि एचआरटीसी के बेड़े को अगले साल तक और विस्तार दिया जाएगा। 69 करोड़ की लागत से 205 नई बसों की खरीद की जाएगी। इनमें 39 सीटर पांच वोल्वो, 51 सीटर 50 एसी बसें, 35 सीटर 30 सामान्य बसें, 46 सीटर 115 सामान्य बसें और पांच टेंपो ट्रैवलर खरीदे जाएंगे। इन बसों की खरीद मार्च 2022 तक हो जाएगी। वहीं, 2022-23 में भी 129 करोड़ की लागत से 300 बसें व टेंपो ट्रैवलर की खरीद की जाएगी।
बंद होगी बैकडोर एंट्री
पीस मील वर्करों के विवाद पर मंत्री ने कहा कि भविष्य में निगम में किसी भी स्तर पर कोई भी बैकडोर एंट्री नहीं होने दी जाएगी। वर्तमान में 16 मामले करुणामूलक आधार पर नियुक्ति के लिए लंबित हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में 450 बस रूट बंद हैं और इन्हें धीरे-धीरे मांग के अनुसार बहाल किया जा रहा है।