{"_id":"601e4f438ebc3ed65934b4b1","slug":"himachal-news-government-planning-a-chadar-trek-on-chandra-river-in-lahaul","type":"story","status":"publish","title_hn":"लाहौल की चंद्रा नदी पर चादर ट्रैक बनाने की योजना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लाहौल की चंद्रा नदी पर चादर ट्रैक बनाने की योजना
Sat, 06 Feb 2021 01:44 PM IST
अरविन्द ठाकुर
रतन कटोच, अमर उजाला नेटवर्क, रोहतांग (लाहौल-स्पीति)
रतन कटोच, अमर उजाला नेटवर्क, रोहतांग (लाहौल-स्पीति)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 06 Feb 2021 01:44 PM IST
विज्ञापन
चादर ट्रैक, लद्दाख
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अटल टनल रोहतांग बनने के बाद जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में विंटर टूरिज्म के द्वार खुल गए हैं। हिमाचल प्रदेश सरकार ने घाटी में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लद्दाख की तर्ज पर लाहौल में चंद्रानदी पर चादर ट्रैक बनाने की योजना बनाई है। सर्दियों में नदी का पानी जमने पर अटल टनल के उतरी छोर से लेकर सिस्सू के नर्सरी तक लगभग पांच किलोमीटर के क्षेत्र को चादर ट्रैक करवाया जाएगा। इससे बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार के द्वार खुलेंगे।
विज्ञापन
सर्दियों में जंस्कार का लद्दाख से संपर्क कट जाता है। स्थानीय लोग सर्दियों में जमी नदी पर चादर ट्रैक कर आवाजाही करते हैं। इस रूट को साहसिक खेल के तौर पर भी अपनाया जा रहा है। प्रदेश सरकार भी साहसिक गतिविधि में चादर ट्रैक के माध्यम से युवाओं को रोजगार मुहैया करवाने का प्रयास कर रही है। घाटी में पैराग्लाइडिंग और आईस स्केटिंग जैसी साहसिक गतिविधियों के लिए भी स्थान चिह्नित किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
स्थानीय युवा राजेंद्र सिंह, विनोद और कमल ने कहा कि चादर ट्रैक से युवाओं को रोजगार मिलने के साथ पर्यटकों को भी एक अलग अनुभूति महसूस होगी। उधर, तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने कहा कि अटल टनल रोहतांग लाहौल-स्पीति के लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है। घाटी में विंटर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए टनल के नॉर्थ पोर्टल से सिस्सू स्थित नर्सरी तक सर्दियों में चादर ट्रैक किया जा सकता है।
विज्ञापन