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पटाखा फैक्टरी हादसा: मृतकों के परिजनों को 20 लाख रुपये मुआवजा देने के आदेश
Fri, 11 Mar 2022 09:17 PM IST
अरविन्द ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Fri, 11 Mar 2022 09:17 PM IST
सार
हादसे में अब तक 12 कामगारों की मौत हो चुकी है। इस मामले में एनजीटी ने स्वत: संज्ञान लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। जस्टिस आदर्श कुमार गोयल, जस्टिस सुधीर अग्रवाल और प्रो. ए सेंथिल की खंडपीठ ने जारी आदेश में कहा है कि यह मुआवजा राशि उल्लंघनकर्ताओं से वसूल की जा सकती है।
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल
- फोटो : PTI
विस्तार
हरोली उपमंडल के बाथू स्थित अवैध पटाखा फैक्टरी में आग लगने से हुईं मौतों और घायलों को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। खंडपीठ ने मृतकों के परिजनों को 20 लाख, 50 फीसदी झुलसे कामगारों को 15 लाख, 25 से 50 फीसदी झुलसे कामगारों को 10 लाख, पांच से 25 फीसदी झुलसे घायलों को पांच लाख रुपये और साधारण प्रभावितों को दो लाख रुपये मुआवजा एक महीने के अंदर देने के आदेश पारित किए हैं।
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हादसे में अब तक 12 कामगारों की मौत हो चुकी है। इस मामले में एनजीटी ने स्वत: संज्ञान लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। जस्टिस आदर्श कुमार गोयल, जस्टिस सुधीर अग्रवाल और प्रो. ए सेंथिल की खंडपीठ ने जारी आदेश में कहा है कि यह मुआवजा राशि उल्लंघनकर्ताओं से वसूल की जा सकती है। उपायुक्त ऊना को पीड़ितों का सत्यापन करने के आदेश दिए हैं।
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खंडपीठ ने सरकार को यह भी निर्देश दिए हैं कि ऐसी घटनाएं रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की जरूरत है। एनजीटी ने साफ किया है कि इस तरह की घटनाएं अकसर हो रही हैं, लेकिन पीसीबीए, श्रम विभाग, जिला मजिस्ट्रेट का इन पर कोई नियंत्रण नहीं है। बता दें कि इस मामले में अब तक चार आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
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