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कपाट बंद, फिर भी पंजाब से पैदल चिंतपूर्णी मंदिर पहुंचा 70 वर्षीय बुजुर्ग
Sat, 25 Jul 2020 05:49 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, भरवाईं (ऊना)
अमर उजाला नेटवर्क, भरवाईं (ऊना)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 25 Jul 2020 05:49 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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कोरोना संकटकाल में प्रदेश का प्रसिद्ध शक्तिपीठ चिंतपूर्णी बंद है, लेकिन भक्तों के दिल में मैया के प्रति अटूट आस्था में कोई फर्क नहीं पड़ा है। इसका ताजा उदाहरण शनिवार सुबह देखने को मिला, जब अबोहर पंजाब से 70 साल का एक बुजुर्ग मां के दरबार में हाजिरी लगाने होशियारपुर से पैदल ही पहुंच गया।
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केवल कृष्ण ने बताया कि वह हर साल सावन अष्टमी के मेले में मां के दरबार में माथा टेकने आते हैं और उन्हें पता था कि कोरोना महामारी के चलते चिंतपूर्णी मंदिर बंद पड़ा हुआ है, लेकिन फिर भी उनका मन नहीं माना और वे झंडा उठाकर मां के दरबार में हाजिरी लगाने आ गए।
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बुजुर्ग श्रद्धालु ने बताया कि वह अबोहर से होशियारपुर तक बस में पहुंचा और होशियारपुर से चिंतपूर्णी के लिए बस न मिलने के कारण शुक्रवार शाम चिंतपूर्णी के लिए पैदल ही चला था और शनिवार सुबह सात बजे मां के दरबार पहुंचा। कोरोना महामारी को लेकर केवल कृष्ण ने कहा कि चिंतपूर्णी माता रानी में बड़ी शक्ति है और इस बीमारी का भी जल्द ही नाश कर देगी।
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वहीं, ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड जवानों ने उक्त श्रद्धालु को मंदिर की पहली सीढ़ी पर माथा टेकने को कहा। जिसके बाद श्रद्धालु जय माता दी करता हुआ पैदल ही घर को लौट गया। श्रद्धालु ने कहा कि उसे मां के दरबार पहुंचकर बड़ा आनंद मिला है और आज उसकी यात्रा सफल हो गई है।