कोरोना के चलते चार माह बाद शुरू हुई दिल्ली-भुंतर हवाई सेवा
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कोरोना महामारी के चलते प्रभावित हुई दिल्ली-भुंतर हवाई उड़ान फिर से चार माह बाद बहाल हो गई है। गुरुवार को दिल्ली से एयर इंडिया के 72 सीटर जहाज में 12 यात्री पहुंचे और भुंतर से मात्र दो लोग दिल्ली के लिए गए। आने वाले सेब सीजन के दौरान जिले के सेब बागवानों के साथ अन्य लोगों को आवाजाही में लाभ मिलेगा। उड़ान सप्ताह में तीन दिन सोमवार, वीरवार और शनिवार को होगी।
उड़ान परिचालन के दौरान यात्रियों एवं कार्मिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के सभी नियमों का पालन किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि दिल्ली से भुंतर का किराया करीब पांच से छह हजार रुपये के बीच होगा, जबकि भुुंतर से दिल्ली का किराया करीब 12000 रुपये रहेगा। उड़ानों के लिए सवारियों को ऑनलाइन बुकिंग करनी होगी। भुंतर एयरपोर्ट के निदेशक नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि शेड्यूल के तहत वीरवार को दिल्ली से एयर इंडिया का जहाज भुंतर हवाई अड्डे में उतरा है।
अगले चार महीने तक कुल्लू में न दिया जाए सैलानियों को प्रवेश
वहीं, वैश्विक महामारी कोरोना जिस तरह अपने पैर पसार रही है, उससे कुल्लू जिले के लोग सहमे हुए हैं। जिले में एक दिन में छह पॉजिटिव मामले आने से लोगों में खौफ का माहौल है। घाटी की पंचायतों और होटलियर एसोसिएशन ने होटल नहीं खोलने का फैसला लिया है। ग्राम पंचायत गोजरा के पदाधिकारियों ने भी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को प्रदेश में सैलानियों को प्रवेश न देने को लेकर पत्र लिखा है। गोजरा पंचायत प्रधान पदमा ठाकुर ने कहा कि ग्रामीणों की मांग पर कोरोना के चलते पंचायत में होटल खोलने और अन्य गतिविधियां करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि अगले चार माह तक कुल्लू में सैलानियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जाए।
विशिष्ठ और सिमसा गांव के होटलियर धर्म चंद ठाकुर, प्रेम चंद ठाकुर, गुप्त राम ठाकुर, रोशन ठाकुर, मनाली होटलियर एसोसिएशन के उपप्रधान महेश ठाकुर ने कहा कि होटलियर एसोसिएशन का होटल न खोलने का फैसला सराहनीय है। कोरोना अपने उच्चतम स्तर पर है। ऐसे में होटल नहीं खोलना सही कदम है। यदि कोई होटलियर होटल खोलना चाहता है तो वह सुनिश्चित कर ले कि उसे पॉजिटिव मामला आने पर स्वयं ही परिस्थिति से निपटना होगा। एसोसिएशन उसकी कोई मदद नहीं करेगी। सितंबर में होटल एसोसिएशन की बैठक की जाएगी। तब तक कोरोना का ग्राफ कम होता है तो उचित निर्णय लिया जाएगा।