{"_id":"62ea2369d231d64ccc3b6c57","slug":"himachal-high-court-suo-motu-cognisance-kiratpur-nerchowk-four-lane-dumping-construction-debris","type":"story","status":"publish","title_hn":"किरतपुर-नेरचौक फोरलेन: अवैध डंपिंग पर हाईकोर्ट ने लिया कड़ा संज्ञान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किरतपुर-नेरचौक फोरलेन: अवैध डंपिंग पर हाईकोर्ट ने लिया कड़ा संज्ञान
Wed, 03 Aug 2022 12:58 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 03 Aug 2022 12:58 PM IST
सार
फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति घुमारवीं की ओर से फोरलेन निर्माण के दौरान हो रही अवैध डंपिंग को लेकर याचिका दायर की गई है।
विज्ञापन
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने किरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण के दौरान हो रही अवैध डंपिंग पर कड़ा संज्ञान लिया है। मुख्य न्यायाधीश एए सैयद और न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की खंडपीठ ने सचिव वन को नोटिस जारी कर तीन सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। इसके अतिरिक्त याचिका में क्षेत्रीय वन अधिकारी बिलासपुर, प्रधान मुख्य वन संरक्षक और नेशनल हाईवे अथॉरिटी के प्रोजेक्ट निदेशक को प्रतिवादी बनाया गया है।
विज्ञापन
फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति घुमारवीं की ओर से फोरलेन निर्माण के दौरान हो रही अवैध डंपिंग को लेकर याचिका दायर की गई है। आरोप लगाया गया है कि किरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण के दौरान मलबे को अवैध तरीके से जंगलों में फेंका जा रहा है। इससे जंगलों को नुकसान हो रहा है। वन विभाग के पास इसकी शिकायत की गई।
विज्ञापन
वन विभाग ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी के प्रोजेक्ट निदेशक से 8.45 लाख रुपये का मुआवजा भी वसूला है। अदालत को बताया गया कि इस बारे में दोषी अधिकारियों के खिलाफ अभी जांच भी नहीं की गई है। यह जांच राज्य सरकार को करनी थी। याचिकाकर्ता ने अदालत से गुहार लगाई है कि इस जांच को पूरा करने के लिए राज्य सरकार को आदेश दिए जाएं। अवैध तरीके से जंगलों में फेंके गए मलबे को हटाए जाने की गुहार भी लगाई गई है।
विज्ञापन