मंडी हादसा: हाइकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब
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बहुचर्चित लारजी हादसे के सबूतों से छेड़छाड़ के आरोपों पर हिमाचल हाई कोर्ट ने सरकार और अन्य प्रतिवादियों से जवाबतलब किया है। परिजनों की ओर से सबूतों से छेड़खानी और गवाहों को प्रभावित करने के आरोप लगाए गए हैं।
इन आरोपों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने हिमाचल सरकार, बिजली बोर्ड और हैदराबाद के इंजीनियरिंग संस्थान को 15 सितंबर तक इन आरोपों का जवाब देने का समय दिया है।
हिमाचल हाईकोर्ट ने लारजी हादसे में मारे गए छात्रों के परिजनों को अंतरिम राहत भी जारी करने के आदेश दिए हैं।
कॉलेज ने भी साक्ष्यों से छेड़छाड़ की
हादसे में मारे गए छात्रों के परिजनों की तरफ से मुख्य न्यायाधीश के नाम लिखे पत्र में आरोप लगाया है कि कॉलेज ने साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की है। कॉलेज और फैकल्टी सदस्य सी किरण द्वारा छात्रों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए थे।
प्रदेश की भौगोलिक जानकारी होते हुए भी कॉलेज ने किसी भी स्थानीय गाइड की सेवाए नहीं लीं। फैकल्टी सदस्य सी किरण ने बद्दी स्थित डॉक्टर रेड्डी लेबोरेटरी का निश्चित औद्योगिक दौरा भी रद्द कर दिया।
कॉलेज प्रशासन व फैकल्टी सदस्य की तरफ से हादसे में बचे अन्य छात्रों पर दबाव डाला जा रहा है कि वे कॉलेज के पक्ष में ही अपनी गवाही दें।
एसपी मंडी ने भी दी रिपोर्ट
एसपी मंडी की ओर से दी रिपोर्ट में कहा गया है कि इस हादसे के लिए जिम्मेवार छह लोगों को गिरफ्तार करने के बाद जमानत पर छोड़ दिया गया है।
29 गवाहों की गवाहियां दर्ज की गई हैं। 25 मृत शरीर बरामद कर लिए हैं। दो की शिनाख्त नहीं हो रही है, जिनके डीएनए सैंपल सुरक्षित रखे गए हैं।
एनडीआरएफ और हिमाचल पुलिस के जवान सर्च ऑपरेशन में तब तक जुटे हैं, जब तक दो मृत शरीरों की शिनाख्त नहीं हो जाती।
दुर्घटना संभावित स्थानों की फैंसिंग की
मुख्य सचिव ने रिपोर्ट में अदालत को बताया कि प्रधान सचिव ने टेक्नीकल अधिकारियों के साथ बैठक की है और मंडलायुक्त मंडी द्वारा दिए सुझावों पर अमल करने के बारे में विचार किया है।
डीसी मंडी ने अदालत को बताया कि दुर्घटना संभावित स्थानों की फैंसिंग कर दी गई है। साइन बोर्ड और तीन हूटर भी लगाए गए हैं। डैम से पानी छोड़ने के समय हूटर वाले वाहन का प्रयोग करने के आदेश दिए गए हैं।
अदालत ने कहा कि लारजी प्रोजेक्ट को स्वतंत्रता दी गई कि वह सस्पेंड किए गए अधिकारियों के बारे निर्णय ले सकते हैं।