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HP High Court: लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता की लापरवाही पर हाईकोर्ट की फटकार
Wed, 19 Jul 2023 01:15 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 19 Jul 2023 01:15 PM IST
सार
याचिकाकर्ता शशिकांत ने आरोप लगाया है कि धर्मपुर तहसील के अंतर्गत आईटीआई बरोटी के भवन के लिए डंगा लगाने में लापरवाही बरती गई।
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हाईकोर्ट ने पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता की लापरवाही पर कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने डंगा गिरने से रिहायशी मकान को नुकसान न पहुंचने के लिए उपचारात्मक कदम उठाने के आदेश दिए हैं। अदालत ने कहा कि यदि याचिकाकर्ता के रिहायशी मकान को नुकसान पहुंचता है तो अधिशासी अभियंता मुआवजा और कार्रवाई के लिए जिम्मेदार होगा। मुख्य न्यायाधीश एमएस रामचंद्र राव और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई 3 अगस्त को निर्धारित की है।
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याचिकाकर्ता शशिकांत ने आरोप लगाया है कि धर्मपुर तहसील के अंतर्गत आईटीआई बरोटी के भवन के लिए डंगा लगाने में लापरवाही बरती गई। इस डंगे का निर्माण यूनीप्रो कंपनी ने लोक निर्माण विभाग की निगरानी में किया है। अदालत को बताया गया कि 12 मार्च 2023 को स्थानीय ग्राम पंचायत ने प्रस्ताव पारित किया कि आईटीआई बरोटी भवन का डंगा लापरवाही से लगाया गया है।
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डंगा गिरने की स्थिति में याचिकाकर्ता के मकान को भारी नुकसान पहुंच सकता है। 10 अप्रैल 2023 को याचिकाकर्ता ने लोक निर्माण विभाग को आवेदन किया कि आईटीआई का डंगा गिरने की कगार पर है, इसके लिए उपचारात्मक कदम उठाने की तुरंत आवश्यकता है। 26 मई 2023 को राजस्व विभाग ने रिपोर्ट दी कि डंगा गिरने की स्थिति में है और इससे याचिकाकर्ता के मकान को खतरा है। आरोप लगाया गया है कि डंगे की सुरक्षा के लिए विभाग ने कोई कदम नहीं उठाए और 24 जून 2023 को डंगा गिर गया।
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अदालत को बताया गया कि डंगे के मलबे से आईटीआई और मकान के बीच सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे याचिकाकर्ता के मकान को खतरा बना हुआ है। सोमवार को सुनवाई के दौरान अदालत ने लोनिवि के अधिशासी अभियंता को अदालत के समक्ष तलब किया था। मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने अधिशासी अभियंता की उपस्थिति में यह आदेश पारित किए।