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HP High Court: हाईकोर्ट ने शौचालयों की मैपिंग, डाटा को सार्वजनिक करने के दिए आदेश, जानें पूरा मामला
Thu, 30 May 2024 08:28 PM IST
अंकेश डोगरा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Thu, 30 May 2024 08:28 PM IST
सार
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग सहित अन्य विभागों को शौचालय की मैपिंग और डाटा को सार्वजनिक करने के आदेश दिए हैं।
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शिमला शहर में शौचालयों की खस्ता हालत पर अहम आदेश दिया है। अदालत ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग सहित अन्य विभागों को शौचालय की मैपिंग और डाटा को सार्वजनिक करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने अगली सुनवाई को नगर निगम सहित अन्य विभागों को स्टेटस रिपोर्ट दायर करने को कहा है। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश सुशील कुकरेजा की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। मामले की आगामी सुनवाई 18 जून को होगी।
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शिमला शहर में सार्वजनिक और निजी शौचालयों को दुरुस्त करने के लिए कहा गया है। अदालत ने वर्ष 2017 में इस मामले में संज्ञान लिया था। शिमला शहर को मॉडल शहर बनाने की प्रक्रिया में अदालत का यह आदेश अहम होगा। अदालत ने इस मामले में न्यायमित्र नियुक्त अधिवक्ता ने कहा कि शहर में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को शौचालय जाने के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बाहर से आए हुए पर्यटक भी शौचालयों की खस्ताहालत को देखकर खासे परेशान होते हैं। अधिवक्ता ने अदालत में अपनी रिपोर्ट में कहा कि स्वच्छ न होने और शौचालय की कमी की वजह से महिलाएं पेशाब को रोकती हैं। इससे महिलाओं के पेट में पथरी और यूट्रैस में इंफेक्शन होता है। नगर निगम शिमला के तहत 131 शौचालयों में से 37 पर रिपोर्ट तलब हो चुकी है। तलब रिपोर्ट में पाया गया है कि शौचालयों में टायलेट शीट टूटी पड़ी हैं, कहीं लाइटें नहीं हैं तो कहीं पानी की कमी है।
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