फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Himachal High Court Orders CBI Probe into forest guard Hoshiyar Singh death case

CBI करेगी अब फॉरेस्ट गार्ड होशियार सिंह मौत मामले की जांच

Thu, 14 Sep 2017 10:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Thu, 14 Sep 2017 10:00 AM IST
विज्ञापन
Himachal High Court Orders CBI Probe into forest guard Hoshiyar Singh death case

गुड़िया मामले की जांच सीबीआई को देने के बाद अब हिमाचल हाईकोर्ट ने फॉरेस्ट गार्ड होशियार सिंह की मौत मामले की जांच भी सीबीआई को देने के आदेश दिए हैं। बहुचर्चित इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने से हिमाचल पुलिस को एक और बड़ा झटका लगा है।

विज्ञापन


बुधवार को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान होशियार सिंह की मौत और इससे जुड़े अवैध वन कटान से जुड़ी दोनों एफआईआर की जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंपने के आदेश दिए। कोर्ट ने सीबीआई को इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन


इसमें एसपी और डीएसपी रैंक के तीन अधिकारी शामिल करने को कहा गया है।। कोर्ट ने प्रदेश सरकार को निर्देश दिए हैं कि वो मामले की जांच में सीबीआई की हर संभव सहायता करे। सीआईडी ने मामले में जो भी सबूत एकत्र किए हैं उन्हें सीबीआई को सौंपा जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

एमिकस क्यूरी ने उठाए थे कई गंभीर सवाल

Himachal High Court Orders CBI Probe into forest guard Hoshiyar Singh death case

हाईकोर्ट की ओर से इस मामले में संज्ञान लेने के बाद मामले में नियुक्त एमिकस क्यूरी पीएल मेहता ने एसआईटी और पुलिसिया जांच पर कई गंभीर सवाल उठाए थे। हाईकोर्ट में पेश सुझावों में एमिकस क्यूरी ने जांच पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि होशियार सिंह द्वारा कथित तौर पर खाया गया जहर कहां से आया? किसने बेचा? किसने खरीदा?

यह जांच के विषय में नहीं जोड़ा गया। जांच में पाया गया कि होशियार सिंह ने 5 जून को सुबह करीब पौने 9 बजे एक टीजीटी मास्टर के घर दाल चावल, सलाद और आलू मटर खाए थे, जबकि 10 तारीख को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी होशियार सिंह के पेट में यही पदार्थ पाए गए। डॉक्टरों के ओपिनियन के अनुसार पेट में खाना 4 से 6 घटों में पच जाता है।

अगर जहर खाया हो तो यह प्रक्रिया कुछ और देरी से पूरी होती है। एमिकस क्यूरी के अनुसार होशियार सिंह की मौत के समय की पुख्ता जानकारी होना जरूरी है। इससे मौत की असल वजह जानने में बहुत हद तक मदद मिलेगी। 5 से 9 जून के बीच घटनास्थल पर बारिश हुई या नहीं इसकी भी जांच नहीं की गई।

इसका सीधा संबंध उल्टियों के धुलने से हो सकता है। वन माफियाओं पर अभी तक कोई कड़ी कार्यवाई नहीं हुई और न ही कोई बड़ी गिरफ्तारी, जिससे इस मौत की असल वजह का पता चल सके।

सेरी कतांडा बीट में मिले थे देवदार के ताजा ठूंठ

Himachal High Court Orders CBI Probe into forest guard Hoshiyar Singh death case

होशियार सिंह की डायरी में लिखी अवैध कटान की घटनाओं पर वन विभाग की टीम ने सेरी कतांडा बीट का निरीक्षण किया था। इस दौरान यहां वन विभाग की टीम को करोड़ों की कीमत के देवदार के 68 पेड़ों के ताजा ठूंठ मिले थे।  टीम ने सड़क के नजदीक छिपाए 20 से अधिक देवदार के स्लीपर भी बरामद किए।

डायरी में बताई गई अन्य जगहों पर भी टीम ने दबिश दी थी और लोटरानाला के पास भी कई पेड़ों के ठूंठ बरामद किए। होशियार सिंह ने अपनी डायरी में बताया है कि बीट में कई जगह लकड़ी काटने के कटर छिपाए हुए हैं।

स्थानीय जनता ने करसोग क्षेत्र में इतने बड़े पैमाने पर अवैध कटान होने की सूचना संबंधित बीट के अफसरों को न होने पर भी कई सवाल खड़े किए हैं। सुनवाई के दौरान कोर्ट मित्र ने मांग की थी कि होशियार सिंह की मौत की निष्पक्ष जांच के लिए मामला सीबीआई को सौंपा जाना चाहिए।

पुलिस ने हत्या से आत्महत्या में बदला केस

Himachal High Court Orders CBI Probe into forest guard Hoshiyar Singh death case

फॉरेस्ट गार्ड होशियार सिंह की मौत और उसकी डायरी में करसोग क्षेत्र में अवैध वन कटान से जुड़ी खबरें प्रकाशित की गई थीं। 9 जून को होशियार सिंह का शव गुरजब जंगल में पेड़ पर उल्टा लटका हुआ मिला था।

पहले इस मामले में धारा 302 के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने जल्दबाजी दिखाते हुए अगले ही दिन इसे आत्महत्या के मामले में बदल दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed