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हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान, स्कूली बच्चों से जातिगत भेदभाव पर मुख्य सचिव को नोटिस
Thu, 17 Oct 2019 06:07 PM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 17 Oct 2019 06:07 PM IST
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फाइल फोटो
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हिमाचल हाईकोर्ट ने मंडी जिले के सीनियर सेकेंडरी स्कूल किलिंग में विद्यार्थियों से जातिगत भेदभाव पर अमर उजाला में प्रकाशित खबरों पर स्वत: संज्ञान लेते हुए सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। मुख्य न्यायाधीश एल नारायण स्वामी और न्यायाधीश धर्म चंद चौधरी की खंडपीठ ने मामले पर सुनवाई के बाद मुख्य सचिव सहित उपायुक्त मंडी, निदेशक उच्च शिक्षा, उप निदेशक मंडी और स्कूल प्रधानाचार्य को नोटिस जारी कर उनसे 4 सप्ताह के भीतर मामले पर स्टेटस रिपोर्ट तलब की है।
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खबर के अनुसार यह स्कूल मंडी जिले के गोहर उपमंडल के तहत आता है। यहां पढ़ने वाले अनुसूचित जाति के बच्चों के अभिभावकों ने एडीएम मंडी श्रवण मांटा और एएसपी मंडी पुनीत रघु को लिखित में शिकायत पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग उठाई है। शिकायत सौंपने वालों में धर्म चंद, हुकम चंद, झाबे राम, टेक चंद, देविंद्र कुमार, पवन कुमार, घनश्याम, यशवंत, चौधरी राम और सुनील कुमार शामिल हैं। शिकायत में कहा गया है कि 9 सितंबर को स्कूल में हो रहे टूर्नामेंट के दौरान वहां कार्यरत कर्मचारियों ने उनके बच्चों से जातिगत भेदभाव किया।
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बच्चों को कहा गया कि वे न तो किसी को पानी बांटेंगे और न साथ बैठकर खाना खाएंगे। प्रधानाचार्य पर आरोप है कि उन्होंने मामले की गंभीरता को नहीं समझा और इसे दबाने का प्रयास किया। बच्चों पर दबाव बनाया कि इस बात को घर पर न बताएं। बच्चों का कहना है कि ऐसी प्रताड़ना से तो उनका अनपढ़ रहना ही ठीक है। अभिभावकों ने जिला प्रशासन और पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच करवाकर दोषियों को कठोर सजा देने की मांग उठाई है।
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