शिमला का गुड़िया केस: कस्टडी में हत्या, पूरा कोटखाई थाना लाइन हाजिर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिमला के कोटखाई के गुड़िया गैंगरेप एंड मर्डर केस में पुलिस कस्टडी में एक आरोपी की हत्या के बाद कोटखाई थाने के सभी जवान हाजिर कर दिए गए हैं। थाने के एसएचओ से लेकर कांस्टेबल तक हर जवान पर कार्रवाई हुई है। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सभी कर्मियों को पुलिस लाइन भेज दिया गया है।
एसपी शिमला डीडब्लयू नेगी के अनुसार देर रात गैंगरेप के आरोपी राजेंद्र और सूरज के बीच मारपीट हो गई जिसमें सूरज गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस जवान उसे ठियोग अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले की सूचना मिलते ही आईजी साउथ रेंज जहूर जैदी भी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच के बाद थाने के हर कर्मी को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
वहीं, आज इस मामले पर हिमाचल हाईकोर्ट भी बड़ा फैसला लेने वाला है। कोर्ट सीबीआई को इस मामले की जांच केे आदेश दे सकता है। हिमाचल सरकार ने कोर्ट से मामले की जल्द जांच के लिए सीबीआई को आदेश देने की मांग की है।
न्यायिक जांच शुरू, कई पुलिसवालों पर गिरेगी गाज
मामले की न्यायिक जांच भी शुरू हो गई है। थाने में जाकर इस मामले से संबंधित तथ्य जुटाए जा रहे हैं। वहीं, आरोपी राजेंद्र के खिलाफ अब हत्या का मामला भी दर्ज कर लिया गया है।
उधर, वारदात के वक्त पुलिस क्या कर रही थी, इन सबको लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जनता पहले ही असली आरोपियों को न पकड़ने के आरोप पुलिस पर लगा चुकी है। ऐसे में एक आरोपी की हत्या के बाद कुछ लोग इस मामले में पुलिस तक की मिलीभगत के आरोप लगा रहे हैं। फिलहाल जल्द खुलासा होगा कि आखिर क्यों राजेंद्र ने सूरज की जान ली।