फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   himachal high court decision On Three independent mlas resignation case

Independent MLAs Resignation Case: 'इस्तीफा स्वीकार करना या न करना विधानसभा अध्यक्ष का संवैधानिक अधिकार'

Tue, 28 May 2024 09:41 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: अंकेश डोगरा Updated Tue, 28 May 2024 09:41 PM IST
सार

निर्दलीय विधायकों के इस्तीफे के मामले में मुख्य न्यायाधीश ने अपने फैसले में कहा कि इस्तीफा स्वीकार करना या न करना विधानसभा अध्यक्ष का संवैधानिक अधिकार है। हाईकोर्ट इस मामले में आदेश जारी नहीं कर सकता। 

विज्ञापन
himachal high court decision On Three independent mlas resignation case
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में निर्दलीय विधायकों के इस्तीफे के मामले में मंगलवार को दोनों पक्षों की ओर से फिर सुनवाई हुई। पिछली सुनवाई में दोनों जजों के फैसले में मतभेद पर मामला तीसरे जज को रेफर किया था। तीसरे न्यायाधीश को अब इस मामले में निर्णय लेना है कि क्या हाईकोर्ट विधानसभा अध्यक्ष को निर्दलीय विधायकों के इस्तीफे स्वीकार करने का आदेश दे सकता है या नहीं।

विज्ञापन


इस मामले की सुनवाई न्यायाधीश संदीप शर्मा की अदालत कर रही है। मुख्य न्यायाधीश ने अपने फैसले में कहा कि इस्तीफा स्वीकार करना या न करना विधानसभा अध्यक्ष का संवैधानिक अधिकार है। हाईकोर्ट इस मामले में आदेश जारी नहीं कर सकता। न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ ने अपने फैसले में कहा कि अध्यक्ष निर्दलीय विधायकों के इस्तीफे के मामले में दो सप्ताह के भीतर निर्णय लें। इस मामले में 8 मई को अदालत का फैसला आया था।
विज्ञापन


विधानसभा अध्यक्ष की ओर से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल पेश हुए। उन्होंने अदालत को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बताया कि दोनों जजों के फैसले में कहा गया है कि विधानसभा अध्यक्ष इस्तीफे के मामले में जांच कर सकता है। यह अध्यक्ष का संवैधानिक अधिकार है। कोर्ट इस मामले में दखलअंदाजी नहीं कर सकता। संविधान के अनुच्छेद 190 (3बी) के तहत विधानसभा अध्यक्ष को शक्तियों दी गई हैं, जिसके तहत वह कार्रवाई कर सकते हैं। जब निर्दलीय विधायकों ने स्वंत़त्र, स्वैच्छिक और बिना किसी दबाव के इस्तीफे सौंपे हैं तो विधानसभा अध्यक्ष को स्वीकार करने चाहिए थे, जिसे स्वीकार नहीं किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन



 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed