हाईकोर्ट के आदेश पर हटाया विवादित साइन बोर्ड
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जनपद बिलासपुर के प्रमुख धार्मिक स्थल मारकंडेय मंदिर में एक जाति विशेष से संबंधित लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध को दर्शाने वाला विवादित साइन बोर्ड हटा दिया गया है। हाईकोर्ट के आदेश पर बिलासपुर प्रशासन ने पुलिस टीम के साथ मौके पर जाकर न केवल साइन बोर्ड पर लिखे अक्षर मिटाए बल्कि ‘यह मंदिर सभी धर्म, जाति समुदाय के लिए खुला है’ भी लिखवा दिया।
इसके लिए एसडीएम डॉ. एमएल मेहता स्वयं मंदिर में गए थे। मारकंडेय मंदिर में जाति विशेष के प्रवेश पर प्रतिबंध से संबंधित साइन बोर्ड लगा हुआ था। अक्तूबर में हाईकोर्ट ने एसडीएम बिलासपुर को आदेश दिए थे कि वे साइन बोर्ड लगाकर स्थिति स्पष्ट करें कि मंदिर में सभी समुदाय के लोगों को जाने की अनुमति है।
एसडीएम पुलिस के साथ खुद मंदिर क्षेत्र में पहुंचे
निक्का राम नामक एक शख्स ने न्यायालय में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट के आदेशों की अनुपालना करते हुए वीरवार को एसडीएम डॉ. एमएल मेहता पुलिस जवानों के साथ मंदिर क्षेत्र में पहुंचे। एसडीएम के आदेश पर साथ गए कर्मचारियों ने पहले तो पुराने साइन बोर्ड में लिखे विवादित शब्दों को मिटा दिया।
फिर उस पर लिख दिया कि यह मंदिर सभी धर्म जाति समुदाय के लिए खुला है। डॉ. एमएल मेहता ने स्वयं इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि वहां पर नया बोर्ड लगाया गया है। धार्मिक स्थल में सभी धर्म, जाति और समुदाय से जुडे़ लोग जा सकते हैं।