सरकार इन्वेस्टर मीट से पहले बनाएगी लैंड बैंक, विभागों से मांगा ब्योरा
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हिमाचल में जून के पहले पखवाड़े में होने वाली इन्वेस्टर मीट से पहले राज्य में लैंड बैंक बनाया जाएगा। इन्वेस्टर मीट से पहले सरकार ने विभागों से खाली पड़ी जमीन का ब्योरा मांगा है। प्रदेश में पशुपालन विभाग सहित अन्य सरकारी विभागों के नाम काफी जमीन है। इसका पिछले कई सालों से पूरी तरह से उपयोग नहीं हो रहा है।
निजी भूमि बेचने के इच्छुक लोग भी उद्योग विभाग की सरकारी वेबसाइट में ब्योरा डलकर जमीन बेच सकेंगे। सरकार चाहती है कि इन्वेस्टर मीट में आने वाले पूंजीपतियों को उनकी जरूरत के अनुसार जमीन उपलब्ध कराई जाए। इन्वेस्टर मीट से पहले सरकार पूंजीपतियों के लिए लैंड बैंक तैयार करेगी। वर्तमान में सरकार के विभिन्न विभागों की जमीन खाली पड़ी है। इसका ये विभाग पूरा उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।
सरकार ने विभागों से कहा है कि शीघ्र बताया जाए कि उनके पास कितनी जमीन है, जिसका उपयोग नहीं हो रहा है। पशुपालन विभाग के पास प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में खाली जमीन है। बिलासपुर में भी पशुपालन विभाग के पास जमीन पड़ी थी। इसे सरकार ने एम्स के नाम कर दिया है। इसी तरह अन्य जिलों में भी पशुपालन विभाग के नाम की जमीन खाली पड़ी है।
निजी जमीन वेबसाइट से बेच सकेंगे लोग
प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में जमीन बेचने के इच्छुक लोग भी अपनी जमीन उद्योग विभाग की वेबसाइट के माध्यम से बेच सकेंगे। लोगों को जमीन की ब्योरा उद्योग विभाग की वेबसाइट में डालना होगा। लोगों की जमीन का लैंड बैंक भी पूंजीपतियों के लिए उपलब्ध रहेगा।
यह कहते हैं उद्योग विभाग के विशेष सचिव
राज्य उद्योग विभाग के विशेष सचिव आबिद हुसैन सादिक ने कहा कि इन्वेस्टर मीट से पहले पूंजीपतियों के लिए लैंड बैंक तैयार किया जा रहा है। राज्य में नए औद्योगिक क्षेत्रों में भी जमीन उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा लोगों की निजी जमीन विभाग की वेबसाइट में मौजूद रहेगी। इसे भी लैंड बैंक में शामिल किया जाएगा।