सरकार 70 से ज्यादा डॉक्टरों से करेगी लाखों की रिकवरी, इसलिए कसेगा शिकंजा
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हिमाचल सरकार 70 के करीब डॉक्टरों पर कार्रवाई करने जा रही है। ये वे चिकित्सक हैं, जो सरकार को सूचित किए बिना बाहरी राज्यों में सेवाएं देने चले गए हैं। सरकार ने स्वास्थ्य निदेशालय से इनका रिकॉर्ड मांगा है। बांड तोड़कर हिमाचल से बाहर जाकर सेवाएं देने वालो डॉक्टरों से लाखों रुपये की रिकवरी की जाएगी।
इनकी हिमाचल में तैनाती हुई थी तो उस समय उन्होंने शपथपत्र पर हिमाचल में ही सेवाएं देने का बांड भरा था। इसमें कहा था कि अगर हिमाचल से बाहरी राज्यों में सेवाएं देने जाएंगे तो सरकार को सूचित किया जाएगा। ऐसी स्थिति में वे सरकार को 10 लाख रुपये तक की राशि भी जमा कराएंगे, लेकिन ये डॉक्टर बिना सूचित किए बाहरी राज्यों में स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं।
हिमाचल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी
इनमें अधिकांश डॉक्टर ऐसे हैं, जिन्होंने हिमाचल में प्रैक्टिस करने के बाद बाहरी राज्यों का रुख किया है। बताया यह भी जा रहा है कि हिमाचल में डॉक्टरों की तनख्वाह कम है, जबकि बाहरी राज्यों में चिकित्सकों अच्छी खासी पगार मिलती है।
चाहे डॉक्टर सरकारी क्षेत्र में सेवाएं दे रहे हों या निजी क्लीनिक में अपना कारोबार चला रहे हों। अकसर वे ज्यादा पैसे की चाह में ही बाहरी राज्यों में सेवाएं देना पसंद कर रहे हैं।
हिमाचल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की भारी कमी है। सरकार ने प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में भले ही सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं शुरू की हों, लेकिन आज भी इन कॉलेजों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है।
कई डॉक्टरों ने बांड तोड़ा है। स्वास्थ्य निदेशालय से इनका रिकॉर्ड मांगा है। सरकार इनसे रिकवरी करने जा रही है। - बीके अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य