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सरकार ने कंपनी को लौटाई 15 हजार स्कूली विद्यार्थियों की वर्दी, मंत्री ने विधासभा में दी जानकारी

Mon, 09 Dec 2019 08:35 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तपोवन (धर्मशाला)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तपोवन (धर्मशाला) Published by: Krishan Singh Updated Mon, 09 Dec 2019 08:35 PM IST
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himachal govt returned uniform of 15 thousand school students to the company, know reason
शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज

हिमाचल सरकार ने रंग फीका पड़ने पर 15 हजार स्कूली विद्यार्थियों की वर्दी कंपनी को लौटा दी है। अटल वर्दी योजना के तहत दी जाने वाली वर्दी की मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत आने और मीडिया में खबरें प्रकाशित होने के बाद सरकार ने यह फैसला लिया है। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने विधानसभा में यह जानकारी दी है।

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भारद्वाज ने कहा कि रेंडम रिपोर्ट आने से पहले ही मास्टर सैंपल से रंग भिन्नता की वजह से वर्दी लौटाई है। वर्दी वितरित करने से पहले संबंधित अधिकारी द्वारा सैंपल लेकर जांच को भेजा जाता है। उन्होंने सदन को सूचित किया कि प्राधिकृत प्रयोगशाला यानी श्रीराम इंस्टीट्यूट आफ इंडस्ट्रियल का चयन पिछली सरकार के कार्यकाल में ही वर्ष 2016 में किया गया था। इस साल वर्दी के 676 सैंपल लिए गए, इनमें से 675 सही प्रमाणित किए गए। एक सैंपल की रिपोर्ट आना बाकी है।
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स्कूल बैग गुणवत्ता से नहीं होगा समझौता
भारद्वाज ने कहा कि अटल वर्दी योजना के तहत ही कक्षा पहली, तीसरी, छठी और नवीं के 2,56,514 विद्यार्थियों को स्कूल बैग वितरित किए जा रहे हैं। इन स्कूल बैग के लिए भी समान नियम बनाए गए हैं। अब तक 128 सैंपल प्रयोगशाला में भेजे गए हैं। 32 की रिपोर्ट आ चुकी है। रिपोर्ट के आधार पर 25 बस्तों का वितरण किया गया है। बस्तों की गुणवत्ता के संबंध में विभाग को लिखित शिकायत नहीं मिली है। भारद्वाज ने कहा कि वर्दी और बस्तों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सैंपल फेल होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 

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कला और शारीरिक शिक्षकों के 3327 पद खाली: शिक्षा मंत्री 

 हिमाचल में तीन साल से 15 नवंबर, 2019 तक कला अध्यापकों और शारीरिक शिक्षकों के 3327 पद खाली हैं। पिछले तीन साल में कला अध्यापकों के 335 और पीईटी के 384 पद भरे गए। जहां राजकीय माध्यमिक पाठशालाओं में विद्यार्थियों की संख्या 100 से कम है, वहां कला अध्यापकों और पीईटी के रिक्त पदों को पूल में रखा गया है, जब तक मानकीकृत संख्या न पहुंच जाए। यह जानकारी शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने एक सवाल के लिखित जवाब में दी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि तीन साल में 15 नवंबर 2019 तक प्रदेश में कला अध्यापकों के 1564 और शारीरिक शिक्षकों पीईटी के 1767 पद खाली हैं। कला अध्यापक के बिलासपुर 111, चंबा 136, हमीरपुर में 124, कांगड़ा में 296, किन्नौर में 11, कुल्लू में 71, लाहौल-स्पीति में 12, मंडी में 219, शिमला में 238, सिरमौर में 95, सोलन में 112 और ऊना में 139 पद खाली हैं। पीईटी के बिलासपुर 109, चंबा 182, हमीरपुर में 120, कांगड़ा में 363, किन्नौर में 36, कुल्लू में 103, लाहौल-स्पीति में 27, मंडी में 251, शिमला में 229, सिरमौर में 137, सोलन में 95 और ऊना में 111 पद रिक्त हैं। 

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