घरों की छतों से हटेंगी टंकियां, सरकार ने प्रपोजल कर लिया तैयार
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हिमाचल प्रदेश के शहरी क्षेत्रों विशेषकर राजधानी शिमला और अन्य जगहों पर घरों की छतों से पानी की टंकियों को हटवाने पर विचार हो रहा है। विश्व बैंक से इस तरह का सुझाव आने के बाद इस दिशा में विभाग की ओर से मंथन किया जा रहा है। चौबीसों घंटे पेयजल आपूर्ति करने की दिशा में ये कदम कारगर साबित हो सकता है। इसके लिए आईपीएच महकमा मीटर व्यवस्था में भी जरूरी सुधार की गुंजाइश देख रहा है। एक कार्यशाला में विश्व बैंक ने हिमाचल प्रदेश के आईपीएच महकमे से कहा है कि प्रदेश में चौबीसों घंटे पानी की सप्लाई की व्यवस्था लाई जा सकती है। बशर्ते कुछ सुधार किए जाएं।
विदेशों में भी ये प्रावधान
अगर छतों पर पेयजल की टंकियोें को भरने के बजाय पानी सीधा घरों के भीतर जाए तो इससे कम पेयजल की आपूर्ति करनी होगी। जब पानी की किफायत होगी तो चौबीसों घंटे पेयजल आपूर्ति मुमकिन हो सकेगी। विभाग ने विश्व बैंक की इस राय पर मंथन शुरू कर दिया है।
विदेशों में भी जहां चौबीसों घंटे शुद्ध पेयजल दिया जाता है, वहां टंकियां भरने की प्रणाली नहीं होती है। इसे राजधानी शिमला समेत तमाम प्रमुख क्षेत्रों में लागू किया जा सकता है।
राज्य सरकार के सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग के प्रमुख अभियंता आरएम मुकुल ने कहा, विश्व बैंक की ओर से इस दिशा में राय दी गई है। ऐसा करना कहां तक संभव है, विभाग इस पर गंभीरता से मंथन कर रहा है।