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पूर्व मंत्री बाली के कार्यकाल की इस योजना की होगी जांच
धर्मेंद्र पंडित, अमर उजाला, शिमला
Updated Mon, 26 Feb 2018 01:59 PM IST
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वीरभद्र सरकार के कार्यकाल में बस यात्रियों के लिए शुरू की गई राजीव थाली योजना की भाजपा सरकार जांच करवाने की तैयारी कर रही है। परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर ने पथ परिवहन निगम प्रबंधन से इसकी फाइल मंगवा ली है।
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चार जिलों में चल रही योजना में चिह्नित ढाबों के आवंटन में गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। जांच का विषय यह भी है कि सवारियों को इस योजना में सेवाएं मिल रही हैं या नहीं?
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निगम अधिकारियों से स्थिति स्पष्ट करने के लिए सचिवालय आने को कहा गया है। पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में पूर्व मंत्री जीएस बाली ने सवारियों को कम दाम पर खाना उपलब्ध करवाने को राजीव थाली योजना शुरू की थी।
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उस समय बाली के पास परिवहन के अलावा खाद्य आपूर्ति महकमा भी था। इन ढाबों में राशन खाद्य आपूर्ति निगम से मुहैया कराया गया जबकि खाना पकाने वाले बर्तन भी निगम की ओर से दिए गए।
सवारियों को 25 रुपये में दो रोटी, चावल, एक सब्जी और एक दाल या फिर कढ़ी उपलब्ध कराई गई। सरकार को शिकायत मिली है कि कई ढाबों में सवारियों से 25 रुपये से ज्यादा वसूली की जा रही है।
कई ढाबा आवंटन को लेकर अनियमितताएं हुई हैं। परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि एचआरटीसी प्रबंधन से फाइल मंगवाई है। योजना को शुरू करने की प्रक्रिया क्या रही होगी, फाइल देखकर पता चल पाएगा। उन्होंने कहा कि इस योजना को लेकर शिकायतें मिली हैं।
चार जिलों में चल रही यह योजना
राजीव थाली योजना प्रदेश के हर जिले में चलाई जानी थी। वर्तमान में यह शिमला, सोलन, हमीरपुर और बिलासपुर जिलों में चल रही है। परिवहन निगम की ओर से जिन लोगों को ढाबे आवंटित किए गए हैं, उनसे निगम 2000 रुपये हर महीने लेता है।