लकड़ी के सरकारी खरीद मूल्य में 15 फीसदी तक बढ़ोतरी, किसानों को होगा फायदा
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हिमाचल सरकार ने देवदार, बान और अन्य चिह्नित पेड़ों की लकड़ी खरीद में 10 से 15 फीसदी बढ़ोतरी की है। इसका लाभ किसानों और भू मालिकों को होगा। राज्यपाल से मंजूरी मिलने के बाद सोमवार को अधिसूचना लागू कर दी गई है।
हिमाचल में यह खरीद वन विकास निगम करता है। हर बीट में इस तरह की खरीद दस-दस साल के अंतराल में की जाती है। प्रदेश वन विभाग ने 2019-20 में पतली और चौड़ी पत्ती वाले वन्य उत्पादों की वन निगम से खरीद के लिए नए दाम तय कर दिए हैं।
पतली पत्ती वाले वन्य उत्पादों को निगम वर्तमान दर से दस फीसदी, चौड़ी पत्ती वालों में 15 फीसदी की वृद्धि से खरीदेगा। इनमें कैल और चील के में बढ़ोतरी नहीं की गई है।
ये रहेंगे नए रेट
देवदार के लिए चंबा में 6216, भरमौर में 4987, चुराह में 6216, डलहौजी में 6427, पालमपुर में 5475, सिराज, पार्वती, कुल्लू में 6336, जोगिंद्रनगर में 6314, नाचन में 8061, करसोग में 6263, सुकेत में 6618, चौपाल में 7932, राजगढ़ में 7783, रेणुका में 7768, रामपुर, किन्नौर, कोटगढ़, आनी में 6634, रोहडू़ में 7695, ठियोग, शिमला और सोलन में 7374 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से खरीद होगी।
बान और अन्य चौड़ी पत्तियों वाले पेड़ों की लकड़ी के रेट चुराह, डलहौजी, पालमपुर, धर्मशाला, नूरपुर में 163, जोगिंद्रनगर, हमीरपुर, देहरा, बिलासपुर, चौपाल, राजगढ़, रेणुका, कुनिहार और नालागढ़ में 1440 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय किए गए हैं।