इस कॉलेज पर सरकार मेहरबान, सात पर बंद होने की तलवार
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कांग्रेस राज के आखिरी छह माह में खोले गए जीरो इनरोलमेंट वाले डिग्री कॉलेजों को सीधे तौर पर बंद करने के बजाय प्रदेश सरकार ने नया गेम प्लान तैयार किया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के गृह क्षेत्र सराज के कॉलेज को छोड़कर अन्य किसी भी कॉलेज की सरकार सुध नहीं ले रही है।
जीरो इनरोलमेंट वाले आठ कॉलेजों में से सिर्फ सराज के थाची कॉलेज पर सरकार ने मेहरबानी दिखाते हुए इसके लिए भूमि तलाशने का काम शुरू किया है। यहां शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया भी चल रही है। प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने के बाद भी अन्य सात कॉलेजों में सरकार ने स्टाफ की नियुक्ति नहीं की है।
सिर्फ फाइलों में खुले इन कॉलेजों के भवनों को लेकर भी कोई इंतजाम नहीं किया गया है। ऐसे में सुविधाओं के अभाव में जीरो इनरोलमेंट वाले ये कॉलेज खुद ही बंद हो सकते हैं। सूत्र बताते हैं कि खुद कॉलेज बंद करने के आदेश देकर सरकार भी जनता में असंतोष नहीं बढ़ाना चाहती है।
सीएम के गृह क्षेत्र के कॉलेज को छोड़कर अन्य को न स्टाफ दिया और न बजट
विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस सरकार ने ऊना के बसदेहड़ा, लाहौल स्पीति के काजा, जिला शिमला के ज्यूरी, पबावो, जिला सिरमौर के ददाहू, पछौता, नारग और जिला मंडी के थाची में डिग्री कॉलेज खोलने की अधिसूचना जारी की थी। इन कॉलेजों में बीते साल विद्यार्थियों की इनरोलमेंट शून्य थी।
प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होने के बाद इन आठ कॉलेजों में से सिर्फ थाची में कॉलेज खोलने की प्रक्रिया शुरू हुई है। थाची मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र सराज के तहत आता है। यहां कॉलेज शुरू करने के लिए उच्च शिक्षा निदेशालय की कई टीमें मौके का दौरा कर फाइलें निपटाने में लगी है।