पहले नहीं जागी प्रदेश सरकार, अब दे दी गुड़िया के गांव को सौगात
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हिमाचल सरकार ने कोटखाई में स्कूली छात्रा से दुराचार और हत्या के मामले में देरी से ही सही लेकिन सबक लेते हुए गुडि़या के गांव के नजदीक स्थित स्कूल को अपग्रेड कर दिया है। स्कूल का नामकरण गुडि़या के असली नाम पर किया गया है।
गुडि़या प्रकरण के बाद छात्रों के मन में कई किलोमीटर वीरान जंगल से गुजरने का खौफ घर कर गया था। शनिवार को धार तरपुनू (ताली) स्कूल को मिडल से सीनियर सेकेंडरी स्कूल के तौर पर अपग्रेड करने की अधिसूचना जारी की गई है। स्कूल में प्रिंसिपल सहित आठ शिक्षकों के नए पद भी सृजित कर दिए गए हैं।
जंगल के बीच चार किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचती थी महासू स्कूल
दसवीं की पढ़ाई के लिए जंगल के रास्ते से होकर करीब चार किलोमीटर पैदल चलकर गुडि़या महासू स्कूल जाती थी। स्कूल से लौटते वक्त ही गुडि़या से दुराचार और बाद में उसकी हत्या हुई। अगर गुडि़या के घर के पास ही दसवीं कक्षा वाला स्कूल होता तो शायद गुडि़या के साथ दरिंदगी नहीं होती।
अब देश भर में गूंज रहे इस मामले से हरकत में आई सरकार ने स्कूल अपग्रेड करने का बड़ा फैसला लिया है। गुडि़या को श्रद्धांजलि देते हुए सरकार ने उसके असली नाम पर अपग्रेड स्कूल का नाम रखा है।
इसी शैक्षणिक सत्र से स्कूल में नौवीं से बारहवीं की कक्षाएं शुरू होंगी। अपग्रेड स्कूल में प्रधानाचार्य का एक, पीजीटी के 5, टीजीटी आर्ट्स का एक पद, टीजीटी मेडिकल का एक और एक पद भाषा अध्यापक का सृजित किया गया है। जल्द ही इन पदों को भरा जाएगा।