फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Himachal Government suspended seven doctors

प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डाक्टरों पर गिरी गाज, सरकार का बड़ा एक्शन

Mon, 05 Jun 2017 11:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Mon, 05 Jun 2017 11:37 AM IST
विज्ञापन
Himachal Government suspended seven doctors

प्राइवेट प्रैक्टिस करने के आरोप में हिमाचल के सात सरकारी डाक्टरों को सस्पेंड कर दिया गया है। ये डाक्टर ड्यूटी से जान-बूझकर गैर हाजिर थे और निजी प्रैक्टिस में शामिल थे। ये जानकारी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने दी है। उन्होंने कहा कि जांच कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद ही इन डॉक्टरों के खिलाफ राज्य सरकार ने कार्रवाई की है।

विज्ञापन


ठाकुर ने कहा कि निलंबित किए गए डॉक्टरों को स्वास्थ्य निदेशालय शिमला में अटैच किया गया है। ये सभी चिकित्सक सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि कुछ और डॉक्टरों पर भी प्रदेश सरकार की नजर है। अभी कई और भी नप सकते हैं।
विज्ञापन


स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि इन डॉक्टरों पर ठीक से अपने कर्तव्यों का पालन और मरीजों का ठीक से उपचार नहीं करने के आरोप हैं। इसकी पड़ताल के लिए जांच कमेटी बनाई गई थी जिसकी रिपोर्ट में आरोपी डॉक्टर दोषी पाए गए। उन्हें सेवा नियमों का उल्लंघन करने के लिए सस्पेंड किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

ये डॉक्टर हुए निलिंबत

Himachal Government suspended seven doctors

स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर के अनुसार सस्पेंड किए गए डॉक्टरों में चिकित्सा अधिकारी क्षेत्रीय अस्पताल चंबा डॉ. प्रशांत राणा, क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर के चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश ठाकुर, क्षेत्रीय अस्पताल चंबा के चिकित्सा अधिकारी डॉ. अश्विनी सम्मी,

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नालागढ़ जिला सोलन के चिकित्सा अधिकारी डॉ. पंकज शर्मा, नागरिक अस्पताल कांगड़ा के चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरविंद शर्मा, क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर के चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपक ठाकुर और क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर के चिकित्सा अधिकारी डॉ. पंकज शर्मा शामिल हैं।


‘भगवान का रूप समझते हैं लोग, जेनेरिक दवाएं लिखें डॉक्टर’
स्वास्थ्य मंत्री ने चिकित्सा अधिकारियों को जेनेरिक दवाओं को अनिवार्य रूप से लिखने के लिए कहा है। मंत्री ने चिकित्सकों से अपील की कि इस महान व्यवसाय का उद्देश्य मानवता की सेवा है। 

इसे एक मिशन के रूप में अपनाया जाना चाहिए। लोगों का डॉक्टरों पर विश्वास है और वे उन्हें भगवान के रूप में मानते हैं। उन्हें जेनेरिक दवाएं ही लिखनी चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed