Himachal Election Result: प्रियंका की रणनीति आई काम, कांग्रेस में नए उत्साह का संचार
उत्तर प्रदेश के चुनावों के तुरंत बाद प्रियंका गांधी ने हिमाचल चुनावों की जिम्मेदारी अनौपचारिक रूप से संभाल ली थी। हिमाचल प्रदेश के प्रभारी राजीव शुक्ला की मदद के लिए उन्होंने अपने महत्वपूर्ण सहयोगी राष्ट्रीय सचिवों को हिमाचल भेजा था।
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राहुल गांधी के भारत जोड़ो यात्रा में व्यस्त रहने के बावजूद प्रियंका गांधी ने हिमाचल चुनाव पर अपना पूरा फोकस रखा। इस दौरान वह शिमला में अपने घर पर ही रहीं। उन्होंने प्रदेश में पांच रैलियां कीं। इस रणनीति में उनके सहयोगी रहे प्रदेश के प्रभारी राजीव शुक्ला व चुनाव प्रभारी तथा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी उनके सारथी बने। वहीं, काफी समय बाद किसी राज्य में जीत हासिल करने के बाद कांग्रेस में नए उत्साह का संचार हो गया है। इसे आगामी चुनावों में कांग्रेस बनाए रखना चाहती है। यह राज्य छोटा जरूर है लेकिन कांग्रेस इसे इस नजरिए से महत्वपूर्ण मान रही है कि नड्डा, अनुराग यहीं से आते हैं। पीएम मोदी भी इसे अपना दूसरा घर बताते हैं। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार इस जीत की रणनीति व नेताओं का इस्तेमाल पार्टी आगामी चुनावों में भी करेगी।
उत्तर प्रदेश के चुनावों के तुरंत बाद प्रियंका गांधी ने हिमाचल चुनावों की जिम्मेदारी अनौपचारिक रूप से संभाल ली थी। हिमाचल प्रदेश के प्रभारी राजीव शुक्ला की मदद के लिए उन्होंने अपने महत्वपूर्ण सहयोगी राष्ट्रीय सचिवों को हिमाचल भेजा था। इन सचिवों ने जिलों का दौरे कर प्रियंका गांधी को रिपोर्ट सौंपी थी। उसी हिसाब से हिमाचल चुनाव की रणनीति बनी थी। प्रियंका गांधी ने एक व्यापक सर्वे के जरिये हिमाचल की जनता की थाह ली। मुख्य मुद्दों की पहचान करते हुए एक सधे हुए चुनाव अभियान की शुरुआत करवाई। उन्होंने आंतरिक चर्चाओं में मूल रूप से युवाओं, महिलाओं व हिमाचल के कर्मचारियों पर केंद्रित अभियान चलाने की बात की।
प्रियंका गांधी की रणनीति पर आगे बढ़ते हुए हिमाचल कांग्रेस ने पुरानी पेंशन बहाली, हर घर लक्ष्मी और युवाओं के लिए रोजगार जैसे लोकप्रिय अभियान चलाए। इन अभियानों के गति पकड़ते ही कांग्रेस हिमाचल में भाजपा के खिलाफ मुकाबले में आ गई। जब भाजपा ने राज नहीं, रिवाज बदलने का नारा देकर पांच साल बाद सरकार बदलने की परंपरा को चुनौती दी तो उस समय कांग्रेस पार्टी ने सूझबूझ से रिवाज जारी होने और कांग्रेस की सरकार बनने का नारा दिया। प्रियंका गांधी ने अपनी सोलन रैली की शुरुआत में हिमाचल निर्माण और इंदिरा गांधी के हिमाचल के रिश्ते से की। उन्होंने लगभग हर संसदीय क्षेत्र में रैली कर हिमाचल की अधिकतम विधानसभाओं को कवर किया।