हिमाचल: इस जिले में बिना मास्क निकले तो आठ दिन की कैद, पांच हजार रुपये तक जुर्माना
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कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए हिमाचल में लॉकडाउन के साथ कर्फ्यू भी लागू है।सभी के लिए मास्क लगाकर घर से बाहर निकलना अनिवार्य किया गया है। ऐसे में सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सोलन जिले में कर्फ्यू में मिली ढील के दौरान अब कोई भी बिना मास्क सड़क पर दिखा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। साथ ही कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थल पर थूकते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ भी मामला दर्ज कर लिया जाएगा। जिला प्रशासन ने सख्त हिदायत दी है कि कर्फ्यू में ढील के समय कोई भी व्यक्ति बिना मास्क के घर से नहीं निकलेगा।
ऐसा करने वालों को आठ दिन तक कारावास और 500 से पांच हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। नियम तोड़ने वालों से नाके पर खड़े पुलिस कर्मी पूछताछ कर पाएंगे और उनके खिलाफ मामला भी दर्ज किया जा सकता है। यही नियम सार्वजनिक स्थल पर थूकने वालों पर भी लागू होगा। जिला सोलन में चिह्नित स्थानों पर मास्क न पहनने एवं सार्वजनिक स्थानों पर थूकने वालों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
यह आदेश हिमाचल प्रदेश महामारी रोग (कोविड-19) (संशोधन) नियमन 2020, केंद्र और प्रदेश सरकार के आदेशों व पुलिस अधिनियम 2007 के तहत प्रदत्त शक्तियों के अनुरूप जारी किए गए हैं। इन आदेशों के अनुसार जिला सोलन में सार्वजनिक मार्गों, गलियों, रास्तों, घाट, अन्य सार्वजनिक स्थानों, कार्यस्थलों में कोविड-19 के खतरे के दृष्टिगत मास्क पहनकर जाना अनिवार्य किया गया है। इन आदेशों के अनुसार सार्वजनिक स्थलों पर थूकने पर भी पूर्ण पाबंदी लगाई है।
जिला दंडाधिकारी सोलन केसी चमन ने बताया कि महामारी रोग अधिनियम 1997 की धारा तीन और हिमाचल प्रदेश पुलिस अधिनियम 2007 की धारा 111 के प्रावधानों के अनुरूप उक्त आदेशों की अनुपालना न करने वाले व्यक्तियों के लिए दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान किया है। इन आदेशों की अनुपालना न करने पर दोषी व्यक्ति को दिन तक कारावास अथवा 500 से 5000 रुपये तक जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
घर से बिना मास्क के बाहर निकले तो पंचायत वसूलेंगी जुर्माना
कोरोना महामारी के चलते शहर के बाद जिले के दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में भी सख्ती हो गई है। जिला की पंचायतों में मुंह पर मास्क पहनना अनिवार्य हो गया है। मास्क न लगाने पर पंचायत की ओर से जुर्माना वसूला जाएगा। इसके अलावा सार्वजनिक क्षेत्रों में मास्क के बिना पाए गए तो जुर्माने की राशि 100 रुपये से पांच हजार तक होगी।
पंचायतीरात विभाग ने नए फरमान जारी करते हुए सभी विकास खंड अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए ग्राम पंचायतों में घर से बाहर निकलते समय मुंह पर मास्क लगाने की अनुपालना करें। साथ ही सामाजिक दूरी की भी अनुपालन करना सुनिश्चित की जाए।
बावजूद इसके बिना फेस कवर बाहर निकलने वाले लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई करें। ग्राम पंचायतों को मौके पर ही नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में नियमों की अवहेलना करने वालो पर जुर्माना लगाने की भी प्रावधान है।
मनरेगा में हो रही सामाजिक दूरी की अनदेखी
कोरोना संक्रमण के बीच मनरेगा कार्य शुरू हो गया है। विभाग के मुताबिक शिकायतें आ रही थीं कि मनरेगा कार्य में सामाजिक दूरी की अनुपालना नहीं हो रही है। ऐसे में विभाग ने बीडीओ को निर्देश जारी करते हुए कहा कि पंचायतों में कार्यों के समय सामाजिक दूरी का पालन सुनिश्चित किया जाए।
मास्क पहनना लाभकारी और कानूनी जरूरी पुलिस प्रशासन
कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए जिला पुलिस प्रशासन लगातार लोगों को मुंह पर मास्क पहनने की हिदायत दे रही हैं। पुलिस के मुताबिक संक्रमण से सुरिक्षत रहने के लिए मास्क लाभकारी है और कानूनी रूपसे जरूरी भी। इसके अलावा पुलिस ने चेतावनी भी दी है कि जो लोग सार्वजनिक जगहों पर बिना मास्क के पाए गए तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।