फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal dgp Sanjay Kundu said Fraud of more than Rs 400 crore in the name of crypto currency

Himachal: पुलिस महानिदेशक कुंडू बोले- क्रिप्टो करेंसी के नाम पर हुई 400 करोड़ रुपये की ठगी, ढाई लाख लोग जोड़े

Fri, 13 Oct 2023 10:02 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला
संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला Published by: Krishan Singh Updated Fri, 13 Oct 2023 10:02 PM IST
सार

डीजीपी धर्मशाला में मामले की जांच कर रही पुलिस की विशेष जांच टीम के साथ पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गिरफ्त में आए दो आरोपी स्वीकार कर चुके हैं कि घोटाले में निवेशकों की 400 करोड़ की देनदारी उन पर है। 

विज्ञापन
Himachal dgp Sanjay Kundu said  Fraud of more than Rs 400 crore in the name of crypto currency
पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू व अन्य अधिकारी। - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल प्रदेश पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) संजय कुंडू ने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी (आभासी मुद्रा) का घोटाला छोटा मामला नहीं है। इसका नेटवर्क हिमाचल से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर देश के कई राज्यों तक फैला है। इसमें अब तक 400 करोड़ की धोखाधड़ी की जानकारी सामने आई है। मल्टी लेवल मार्केटिंग (एमएलएम) अवधारणा पर लोगों की चेन बनाकर इस घोटाले को अंजाम दिया गया। डीजीपी धर्मशाला में मामले की जांच कर रही पुलिस की विशेष जांच टीम के साथ पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गिरफ्त में आए दो आरोपी स्वीकार कर चुके हैं कि घोटाले में निवेशकों की 400 करोड़ की देनदारी उन पर है। निवेशकों की कड़ी के इस काले धंधे में हर जुड़ने वाला सदस्य अपने आगे दो सदस्य बनाता था।

विज्ञापन


हर नए सदस्य की निवेश की गई रकम पर कमीशन उसके ऊपर के सदस्य को जाती थी। इस तरह शुरुआती दौर में अच्छा रिटर्न कमाने वाले ऊपर के सदस्य ही आभासी मुद्रा के इस घोटाले के ब्रांड एंबेसडर बन गए और अपनी जान-पहचान में इस कड़ी को आगे बढ़ाते गए। घोटाले के सूत्रधारों ने देखते ही देखते करीब 2.5 लाख लोगों की आईडी अपने साथ जोड़ ली। जांच में सामने आ रहे तथ्यों को आयकर विभाग और वित्त मंत्रालय की जांच यूनिट के साथ साझा किया जाएगा। इस अवसर पर विशेष जांच टीम के मुखिया डीआईजी अभिषेक दुल्लर, सदस्य आईपीएस अधिकारी अमित यादव, मंडी के एसपी साइबर क्राइम मनमोहन, कांगड़ा की पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री और पालमपुर के डीएसपी लोकेंद्र भी मौजूद रहे।

विज्ञापन

निवेशकों की गाढ़ी कमाई से खरीदी संपत्ति

डीजीपी ने बताया कि आरोपियों ने निवेशकों की गाढ़ी कमाई से महंगी गाड़ियां और संपत्ति खरीदी है। जांच टीम इसका ब्योरा खंगाल रही है। आरोपियों की संपत्तियां सीज कर ठगे गए निवेशकों का धन उन्हें वापस दिलाने के लिए कानूनी तरीके से आगे बढ़ा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस का काम गहन तफ्तीश कर आरोपियों को सजा दिलाना है। ठगे गए निवेशकों को धन लौटाने की प्रक्रिया में पुलिस की कोई भूमिका नहीं होगी।

विदेश में छिपा बैठा है मुख्य सरगना

घोटाले के मुख्य सरगना के तौर पर मंडी के सरकाघाट निवासी सुभाष का नाम सामने आया है। वह विदेश में छिपा बैठा है। एक अन्य आरोपी अभिषेक की तलाश जारी है। पकड़े गए दोनों आरोपी हेमराज और सुखदेव जेल में हैं। वित्तीय धोखाधड़ी के इस मामले की सुनवाई के लिए शिमला में विशेष जज की अदालत अधिकृत है।

विज्ञापन

अधिक मुनाफे के लालच में न फंसे लोग

डीजीपी ने प्रदेश के लोगों से अपील की है कि लोग कम समय में अधिक मुनाफे के लालच में अपनी पैसा गंवा रहे हैं। प्रदेश की जनता डिजिटल प्लेटफार्म और अन्य माध्यमों से चलाई जा रहीं ऐसी निवेश योजनाओं और कंपनियों के लालच में न फसे। इस तरह की गतिविधियों का पता चलने पर पुलिस को तुरंत सूचित करें।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed