हिमाचल में 55 कोरोना संक्रमितों की मौत, 4029 नए पॉजिटिव, 4137 मरीज हुए ठीक
हिमाचल प्रदेश में कुल कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 157862 पहुंच गया है। इनमें से अब तक 116016 संक्रमित ठीक हो चुके हैं। सक्रिय कोरोना मामले अब 39575 रह गए हैं और 2241 संक्रमितों की मौत हुई है।
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हिमाचल प्रदेश में शनिवार को 55 और कोरोना पॉजिटिव मरीजों की मौत हो गई है। कांगड़ा जिले में 19, शिमला 14, मंडी छह, चंबा पांच, ऊना तीन, सिरमौर तीन, हमीरपुर दो, सोलन दो और किन्नौर में एक संक्रमित मरीज ने दम तोड़ा। हालांकि, मौतों में आज पिछले दिनों के मुकाबले कमी दर्ज की गई है। उधर, प्रदेश में शनिवार को 4029 लोगों के कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इनमें से कांगड़ा जिले में 1441, मंडी 496, चंबा 355, शिमला 254, बिलासपुर 274, सोलन 195, सिरमौर 212, हमीरपुर 423, ऊना 204, कुल्लू 94, लाहौल-स्पीति 43 और किन्नौर में 38 नए मामले आए हैं। ऊना जिले में सात महीने के एक बच्चे के कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है।
कहां कितने सक्रिय केस
इसके साथ ही प्रदेश में कुल कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 157862 पहुंच गया है। इनमें से अब तक 116016 संक्रमित ठीक हो चुके हैं। सक्रिय कोरोना मामले अब 39575 रह गए हैं और 2241 संक्रमितों की मौत हुई है। बिलासपुर में कोरोना के सक्रिय केसों की संख्या 3036, चंबा 2419, हमीरपुर 2881, कांगड़ा 12465, किन्नौर 377, कुल्लू 922, लाहौल-स्पीति 221, मंडी 4401, शिमला 3457, सिरमौर 3186, सोलन 3639 और ऊना जिले में 2571 पहुंच गई है। बीते 24 घंटों में 4137 संक्रमित ठीक हुए हैं। इस दौरान कोरोना की जांच के लिए 15461 लोगों के सैंपल लिए गए।
कंटेनमेंट जोन घोषित तिब्बती कालोनी में 17 और पाजिटिव
राजधानी शिमला के पंथाघाटी वार्ड की तिब्बती कालोनी में कोरोना के 17 नए मामले आने से हड़कंप मचा हुआ है। एक हफ्ते के भीतर यहां 30 से ज्यादा मामले आ चुके हैं। स्थानीय पार्षद राकेश शर्मा के अनुसार अब इसी कॉलोनी के भीतर कोरोना के 35 से ज्यादा सक्रिय मामले हैं। पार्षद के अनुसार दो दिन पहले कालोनी में 40 लोगों के सैंपल लिए थे। इसमें 17 पॉजिटिव निकले हैं। इन्हें आइसोलेट कर दवाईयां मुहैया करवाई जा रही हैं। बीते हफ्ते यहां चार लोग कोरोना पॉजिटिव आए थे। इसके बाद यहां सैंपलिंग टीम बुलाकर 25 से ज्यादा लोगों की टेस्टिंग की तो 13 लोग पॉजिटिव निकले थे। इस कालोनी को कंटेनमेंट जोन बनाया है। स्थानीय पार्षद राकेश शर्मा ने कहा कि कॉलोनी में सैनिटाइजेशन का काम करवा दिया है। ढली के इंद्रनगर में भी कई मजदूरों के पॉजिटिव आने के बाद इलाके की दुकानें रविवार तक बंद की गई हैं।
कोविड की पुष्टि नहीं, फिर भी दाह संस्कार के लिए आगे नहीं आए परिजन
वहीं, कांगड़ा जिले के रानीताल पंचायत में एक महिला की मौत के बाद कोविड की पुष्टि न होने के बावजूद न तो घर से और न ही कोई गांव से अंतिम संस्कार करने के लिए आगे आया। एसडीएम अभिषेक वर्मा ने बताया कि शनिवार को नप कांगड़ा की स्वयंसेवकों की टीम द्वारा एक महिला का अंतिम संस्कार किया गया। यह दाह संस्कार तहसीलदार कांगड़ा की देखरेख में करवाया गया। एसडीएम ने लोगों से अपील की है कि इस तरह का व्यवहार अमानवीय है। यह समय एक-दूसरे से दूर भागने का नहीं, बल्कि आगे आकर सहायता करने का है।
कोविड ड्यूटी में तैनात अधिकारी ऑन रखें अपने मोबाइल फोन
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा आयुष मंत्री डॉ. राजीव सैजल ने प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों एवं कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए तैनात अन्य को निर्देश दिए हैं कि पीड़ित मानवता की सेवा के लिए इस संकटकाल में अपने मोबाइल फोन बंद न रखें और फोन पर आ रही कॉल का उत्तर दें। उन्होंने कहा कि वर्तमान संकट एवं दबाव के समय में कई बार ऐसा हो सकता है कि चिकित्सक एवं अन्य किसी कारणवश मोबाइल फोन न सुन पाएं।
ऐसे में सभी यह सुनिश्चित बनाएं कि वापस फोन किया जाए। उन्होंने कहा कि संकट के समय में फोन करने वाले गंभीर रोगी एवं उनके परिजन भी हो सकते हैं। चिकित्सक द्वारा समय पर प्रदान किया हुआ परामर्श बहुमूल्य मानवीय जीवन को बचा सकता है। उन्होंने सभी चिकित्सकों को निर्देश दिए कि महामारी के इस समय में रोगियों एवं उनके परिजनों के साथ संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित बनाएं।