पार्टी के खिलाफ दुष्प्रचार करने वालों पर कार्रवाई करेगी कांग्रेस, बैठक में लिया फैसला
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नगर निगम चुनाव के लिए हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने अनुशासन समिति के सदस्यों को जिलों का दायित्व सौंपा गया है। राजीव भवन में सोमवार को समिति की अध्यक्ष विप्लव ठाकुर की अध्यक्षता में बैठक हुई। यह समिति चार निगम चुनावों पर नजर रखेगी। समिति की बैठक करीब दो घंटे तक चली और इसमें सिर्फ एक सदस्य शर्मिला पटियाल ही गैर मौजूद रहीं। विप्लव ठाकुर के पास शिमला और कांगड़ा, मोहन लाल ब्रागटा को सिरमौर-सोलन, संजय अवस्थी ऊना, बिलासपुर और चंबा, चेत राम ठाकुर लाहौल-स्पीति, किन्नौर और कुल्लू, केवल सिंह पठानिया को मंडी और हमीरपुर का दायित्व सौंपा गया है।
शर्मिला पटियाल को इन सभी सदस्यों के साथ समन्वय बनाकर रखना होगा। इन सभी सदस्यों से कहा गया है कि जिलों में अनुशासन से संबंधित शिकायतों को लेकर अपने स्तर पर दोनों पक्षों की बात सुनेंगे। इसके बाद अपनी रिपोर्ट अनुशासन समिति के पास भेजेंगे। इसके साथ ही नगर निगम चुनाव में अगर पार्टी का कोई नेता कांग्रेस प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करने की सिफारिश अनुशासन समिति करेगी। इसके अतिरिक्त सोशल मीडिया में पार्टी का कोई नेता दुष्प्रचार करता है तो भी कार्रवाई होगी।
अनुशासन के बिना कोई दल, परिवार आगे नहीं बढ़ सकता: विप्लव
कांग्रेस की पूर्व सांसद और प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति की अध्यक्ष विप्लव ठाकुर ने कहा कि अनुशासन के बिना कोई भी दल या परिवार आगे नहीं बढ़ सकता। अनुशासन सबके लिए बहुत जरूरी है। समिति के सभी सदस्यों को जिलावार जिम्मेवारी सौंप दी गई है। पार्टी की किसी भी शिकायत का पूरा अध्ययन कर अपनी जांच रिपोर्ट उन्हें देंगे। शिकायत पर पूरे गुण-दोष के आधार पर फैसला लिया जाएगा। बड़े से बड़ा नेता हो या छोटे से छोटा, नियम सबके लिए बराबर हैं।
बैठक में निर्णय लिया गया सभी नेताओं, पदाधिकारी, अग्रणी संगठन और कांग्रेस पार्टी के सभी विभागों से कहा गया है कि उन्हें अपने किसी भी राजनीतिक कार्यक्रम की पूर्व सूचना संबंधित जिला और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के साथ साथ प्रदेश कांग्रेस कार्यालय को देनी होगी। कोई भी पदाधिकारी अपने किसी नेता के खिलाफ मीडिया या सोशल मीडिया में जाता है तो यह भी अनुशासनहीनता मानी जाएगी। चार नगर निगम चुनावों में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ पार्टी से जुड़ा कोई भी इन चुनावों लड़ता है तो यह भी अनुशासनहीनता होगी।