मानसून सत्र : विपक्ष ने नशे पर घेरने की बनाई रणनीति
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विपक्षी कांग्रेस पार्टी सत्ता पक्ष को चिट्टे की तस्करी और नशाखोरी पर घेरेगी। इसके लिए कांग्रेस ने अपनी रणनीति तैयार कर ली है। विधानसभा के मानसून सत्र के लिए विधायकों की ओर से दो सौ से ज्यादा सवालों को लगाने के प्रस्ताव दिए गए हैं।
इन पर विभागों से जवाब एकत्र किए जा रहे हैं। इनमें काफी सवाल चिट्टे की तस्करी और नशाखोरी से संबंधित हैं। प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 23 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। यह सत्र सात दिन चलेगा। सत्र में भी कांग्रेस का रुख आक्रामक रह सकता है।
कांग्रेस पार्टी सरकार को नशे के मुद्दे पर घेर सकती है। जिस तरह से युवा पीढ़ी नशे की जद में जा रही है और आए दिन नशे की खेपें पकड़ी जा रही हैं, इसे कांग्रेस मुद्दा बना सकती है। इस संबंध में नाकाफी कदम उठाए जाने की बात कर कांग्रेस राज्य सरकार को घेर सकती है।
विधायकों को 15 दिन पहले देने होंगे प्रश्नों के नोटिस
इस तरह के कुछ सवालों पर विपक्षी विधायकों की ओर से विधानसभा सचिवालय को नोटिस मिले हैं। बाकी कानून-व्यवस्था, सड़कों की खस्ताहाली, पीने के पानी की कमी जैसे मसलों पर भी कांग्रेस प्रदेश सरकार का घेराव कर सकती है।
विधायकों को छपे हुए फार्म में ही प्रश्नों के नोटिस देने होंगे। ये फॉर्म विधानसभा सचिवालय के नोटिस कार्यालय से मिल सकते हैं। यह निर्देश विधानसभा सचिवालय की ओर से जारी किए गए हैं।
यह भी कहा गया है कि विधायक जिन सवालों के जवाब चाहेंगे, उन्हेें लगवाने की तिथि के पंद्रह दिन पहले ही नोटिस देने होंगे, जिससे कि विभागों से भी इसके जवाब समय पर प्राप्त हो सकें। अगर अल्प समय में सूचना दी जाए तो यह भी बताना होगा कि ये प्रश्न क्यों पूछे जा रहे हैं।