कांग्रेस के अधिवेशन में जोरदार हंगामा, बाली खो बैठे आपा, जमकर निकाली भड़ास
हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों में मंडी विधानसभा क्षेत्र से दस की दस सीटें हारने के बाद भी प्रदेश कांग्रेस ने सबक नहीं लिया है। राज्यस्तरीय अधिवेशन में बिखरी पार्टी को एकसूत्र में पिरोने की कवायद को गुटबाजी ने गहरा झटका दिया है।
पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की गैर मौजूदगी में तमाम बड़े पदाधिकारियों के सामने खूब गुटबाजी दिखी। मंच पर सब अपनी-अपनी डफली अपना अपना राग अलापते रहे। अधिवेशन में पूर्व परिवहन मंत्री जीएस बाली ने पहुंचते ही तीखे शब्द बाण चलाना शुरू कर दिए।
वह सबसे बाद में करीब 12:57 पर मंच पर पहुंचे और सबसे मिलने के बाद वहां पर बैठ गए। जैसे ही उन्हें मंच पर बोलने का मौका मिला उन्होंने अचानक ही अक्रामक रुख अपना लिया।
बाली ने कहा कि पार्टी की हार में सबसे अधिक बड़ी भूमिका ऐसे नेताओं की है, जो कहते कुछ हैं और करते कुछ और ही हैं। उन्होंने कहा राजीव थाली योजना उनके दिमाग की उपज थी, जब इस योजना का शुभारंभ किया गया तो योजना का पूरा श्रेय पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह और मुकेश अग्रिहोत्री ले गए।
बोले- योजना मेरी लेकिन वीरभद्र, अग्निहोत्री छपवाते रहे तस्वीरें
योजना मेरी और तस्वीरें पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह और पूर्व मंत्री मुकेश अग्निहोत्री के साथ छपवाते रहे। उन्होंने मंच से प्रदेश अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू को नसीहत दे डाली। कहा कि सुक्खू जी अपने काम पर ध्यान दो, वीरभद्र की बातों का बुरा मत मानो।
प्रभारी रंजीता रंजन को सीख देते हुए उन्होंने बागियों पर कड़ी कार्रवाई करने को कहा। कहा कि सच को सच और झूठ को झूठ बोलेंगे तो ही इस पार्टी का कल्याण हो सकता है।
कौशल भत्ता योजना पर आघात करते हुए उन्होंने कहा कि यह योजना इतनी असफल रही कि कि कई साल युवाओं को इस योजना के फार्म भरने में ही लग गए। उन्होंने पूर्व सरकार को कोसते हुए कहा कि जनता की नजर हमेशा घोषणा पत्र पर होती है इसलिए मेनिफेस्टो का भी कुछ रोल होता है।
कहा- सुक्खू जी, आपकी तरह मेरा फोन कभी बंद नहीं होता
बाली ने प्रदेश नेतृत्व को धारा 118 के मुद्दे पर एक कमेटी गठित करने के लिए कहा ताकि सरकार का विरोध करने से पहले इस बारे में पूरी जानकारी हो और पछताना नहीं पड़े। उन्होंने प्रदेशाध्यक्ष सुक्खू से कहा कि वह वीरभद्र सिंह की छोटी-छोटी बातों का बुरा मानते रह गए और इसी चक्कर में दूसरे लोग फायदा उठा गए।
बाली ने सुक्खू को नसीहत दे डाली कि वह उनकी बातों का बुरा न मानते हुए संगठन की मजबूती पर पूरा ध्यान दें। उन्होंने प्रदेशाध्यक्ष से कहा कि सुक्खू जी आपकी तरह मेरा फोन कभी बंद नहीं होता है। जब चाहे कोई भी फोन करे। इसके बाद अचानक ही वह कुछ घरेलू कारण बताते हुए मंच से चले गए।
चार प्रस्ताव पारित, इनके दम पर लड़ेंगे लोस चुनाव
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा एक दिवसीय अधिवेशन में पांच प्रस्ताव पारित किए। इसमें सबसे पहला प्रस्ताव था हिसाब दे सांसद, जवाब दे सांसद। दूसरा प्रस्ताव भगवाकरण का विरोध करना। तीसरा प्रस्ताव सूखाग्रस्त योजना बनाने के बारे में, चौथा प्रस्ताव भ्रष्टाचार व बिगड़ती कानून व्यवस्था पर चर्चा और पांचवां प्रस्ताव धारा 118 पर चर्चा करना रहा।
अधिवेशन में ये रहे गैरहाजिर और यह रहे मौजूद
जहां इस प्रदेश स्तरीय अधिवेशन में कई दिग्गज नेताओं समेत प्रदेशभर से कार्यकर्ताओं ने भाग लिया वहीं सीएम के कट्टर समर्थक प्रकाश चौधरी एवं स्वयं वीरभद्र सिंह इस अधिवेशन में हाजिर नहीं हुए।
कुछ समय के लिए लग रहा था कि जीएस बाली भी नहीं आएंगे, लेकिन वह कुछ देर के बाद यहां पर पहुंच गए। वहीं बैठक में हर्षवर्धन चौहान, राजेश धर्माणी, सोहन लाल, मनसा राम, पवन ठाकुर, चंपा ठाकुर, ठाकुर सिंह भरमौरी, राजेंद्र राणा, राम लाल ठाकुर, दीपक शर्मा आदि मौजूद रहे।
15-15 लाख क्यों नहीं आए
कांग्रेस विधायक दल के नेता मुकेश अग्रिहोत्री ने प्रदेश सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने धारा 118 के साथ छेड़छाड़ की तो प्रदेश कांग्रेस इसका विरोध करेगी। उन्होंने सीएम जयराम ठाकुर से कहा कि जो सीएम अपने घर का विवाद ही नहीं सुलझा पाया वह प्रदेश को कैसे संभालेगा।
दो माह में इतने तबादले किए कि हर अधिकारी इस सरकार से परेशान हो गया है। वहीं अपने कार्यालय में उन्होंने अनपढ़ और अनुभवहीन लोगों की भर्ती करके अपरिपक्वता का परिचय दिया है। वह सरकारी संपत्ति का प्रयोग निजी संपत्ति की तरह कर रहे हैं जोकि पूरी तरह गलत है।
पूर्व स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ने सबसे पहले कांग्रेस नेतृत्व का मंडी में अधिवेशन करवाने के लिए आभार जताया। इसके बाद उन्होंने मोदी सरकार पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने कहा कि मोदी ने चुनावों से पहले जनता से बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन उन्हें आज तक पूरा नहीं कर पाए हैं जबकि लोकसभा चुनाव एक बार फिर सामने हैं।
उन्होंने कहा कि सांसद जवाब दें कि आज तक काला धन क्यों नहीं आया और लोगों के खाते में 15-15 लाख क्यों नहीं आए। सांसद बताएं कि मोदी सरकार ने महंगाई, रोजगार के लिए अब तक क्या किया है और प्रदेश को क्या दिया है।
बाली बोले- जयराम मेरे मित्र, भले आदमी
प्रदेशाध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सभी गिले-शिकवे भूलकर अब नए जोश में आकर पार्टी के हित में कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमें आपस में नहीं भाजपा से लड़ना है और सभी इसके लिए सक्षम हैं।
अनुशासनहीनता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस बार इसका उदाहरण सामने है कि गद्दारों पर कठोर कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्यकर्ता पंचायत स्तर पर जाकर मोदी सरकार की असफलता और कांग्रेस का प्रचार करे। लोकसभा चुनावों के लिए इस बार प्रदेश में चार बड़ी रैलियों का आयोजन किया जा रहा है जिसमें सभी कार्यकर्ता पूरा सहयोग देंगे।
कांग्रेस प्रदेश सह प्रभारी रंजीता रंजन ने प्रदेश में हुई कांग्रेस की हार को नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए एक सबक बताया। उन्होंने कहा कि जब कोई भी हारता है तो वह बहुत कुछ सीखता है।
रंजीता रंजन ने अनुरोध किया कि सभी एकजुट होकर अभी से लोकसभा चुनावों एवं अगले विधानसभा चुनावों के लिए कमर कसें और एक-एक जन से संपर्क साधें।
उन्होंने सभी वक्ताओं से कहा कि जो बातें अपने भाषण में कही हैं इन सभी को वह जमीन पर भी उतारें ताकि पार्टी मजबूत हो सके। रंजीता रंजन ने सफल आयोजन के लिए कांग्रेस जिलाअध्यक्ष दीपक शर्मा और उनके साथियों की पीठ थपथपाई।
कांग्रेस के वक्ताओं ने कहा कि बिना लोन के सरकारें नहीं चलती। वहीं पूर्व मंत्री जीएस बाली के समर्थन में कहा कि जयराम ठाकुर की सरकार को और वक्त देने की जरूरत है।
बाली ने कहा कि छह माह तक वह व्यक्तिगत तौर पर जयराम सरकार पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। बाली ने यहां तक कह डाला कि जयराम मेरे मित्र, भले आदमी और बाकियों से बेहतर हैं।