अब नहीं होंगे हिमाचल कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव, ये रही वजह
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के संगठनात्मक अब नहीं होंगे। ये प्रदेश विधानसभा चुनाव के बाद ही होंगे। कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल और हिमाचल की पार्टी प्रभारी अंबिका सोनी के साथ वीरभद्र और सुक्खू की संयुक्त बैठक के बाद ये फैसला लिया गया है।
विधानसभा चुनाव प्रचार में परेशानी आने की आशंका के चलते सीएम वीरभद्र सिंह ने कांग्रेस आलाकमान के सामने ये मामला उठाया था। सीएम वीरभद्र सिंह और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोमवार शाम को करीब सवा पांच बजे अहमद पटेल और अंबिका सोनी से मुलाकात की।
हिमाचल में सरकार और संगठन के इन दोनों प्रमुखों से हाईकमान के दोनों रणनीतिकारों ने विधानसभा चुनाव पर चर्चा की। दोनों नेताओं को एकजुटता से हिमाचल में चुनाव प्रचार करने की बात हुई, जिससे पार्टी दोबारा सत्ता में आ सके।
सीएम ने उठाया चुनाव टालने का मुद्दा
सूत्रों ने बताया कि इसी दौरान सीएम वीरभद्र सिंह ने दोबारा संगठनात्मक चुनाव को विधानसभा चुनाव के बाद तक टालने का मुद्दा उठाया। इस बारे में सोनिया के दोनों करीबी नेताओं अहमद पटेल और अंबिका सोनी ने सुक्खू की भी राय ली तो उन्होंने भी इस पर सहमति दर्ज की कि ये चुनाव विधानसभा चुनाव के बाद ही करवाए जा सकते हैं।
आखिर ये तय कर लिया गया कि ये चुनाव बाद में ही रखे जाएंगे। ये मालूम रहे कि संगठनात्मक चुनाव करवाने के लिए चुनाव अधिकारी भी हिमाचल आ चुके हैं और उन्होंने अपना काम भी शुरू कर दिया था, मगर अब ये चुनाव अक्तूबर या नवंबर महीने तक संभावित प्रदेश विधानसभा चुनाव के बाद करवाए जा सकते हैं।