{"_id":"610a3e759b6cb15a7a5f7f91","slug":"himachal-congress-ans-himachal-bjp-strategy-for-by-election-in-himachal-pradesh","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाजपा ने वीरभद्र, कांग्रेस ने रामस्वरूप मामले को बनाया हथियार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाजपा ने वीरभद्र, कांग्रेस ने रामस्वरूप मामले को बनाया हथियार
Wed, 04 Aug 2021 12:45 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अनिमेष कौशल, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अनिमेष कौशल, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 04 Aug 2021 12:45 PM IST
सार
प्रदेश के दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के लक्ष्य में मंडी लोकसभा और फतेहपुर, जुब्बल कोटखाई व अर्की विधानसभा का उपचुनाव हैं।
विज्ञापन
भाजपा-कांग्रेस
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में उपचुनाव से पहले भाजपा ने दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से सहानुभूति और कांग्रेस ने पूर्व सांसद रामस्वरूप शर्मा की संदिग्ध हत्या को अपना-अपना हथियार बना लिया है। भाजपा विधायक जहां वीरभद्र सिंह की तारीफों के पुल बांध रहे हैं, वहीं कांग्रेस विधायकों ने पूर्व सांसद की संदेहास्पद मौत पर सीबीआई जांच बैठाने की मांग कर प्रदेश का राजनीतिक माहौल गरमा दिया है।
विज्ञापन
प्रदेश के दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के लक्ष्य में मंडी लोकसभा और फतेहपुर, जुब्बल कोटखाई व अर्की विधानसभा का उपचुनाव हैं। विधानसभा मेें अपने-अपने तरकश से दोनों दलों ने राजनीतिक तीर साधना शुरू कर दिए हैं। मानसून सत्र के पहले दिन शोकोद्गार प्रस्ताव पर विधानसभा के इतिहास में सबसे लंबी चर्चा हुई। सरकार ने इसमें बढ़-चढ़कर भाग लिया। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह चर्चा के केंद्र में रहे।
विज्ञापन
कांग्रेस विधायकों के अलावा भाजपा के अधिकांश विधायकों ने इसमें शामिल होकर पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की तारीफों के पुल बांधे। भाजपा की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के प्रति जताई जा रही आस्था कई कांग्रेस नेताओं को अब अखरना भी शुरू हो गई है। सितंबर में प्रस्तावित उपचुनावों से पहले कांग्रेसी अंदरखाते बीते कुछ दिनों से इसकी काट तलाशने में जुटे हुए थे। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजीव शुक्ला की मौजूदगी में बीते दिनों हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक में भी इस मामले को लेकर चर्चा हुई है।
विज्ञापन
इसी बीच मानसून सत्र के दूसरे दिन विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस ने भाजपा के दिवंगत सांसद रामस्वरूप शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला उठाकर सरकार और भाजपा को कठघरे में खड़ा कर दिया। रामस्वरूप शर्मा के पुत्र की मांग को सदन में उठाते हुए कांग्रेस विधायकों ने सीबीआई से मामले की जांच उठाई। सरकार पर इस मामले पर पर्दा डालने के आरोप भी लगाए। आने वाले दिनों में जनता के बीच जाकर भी कांग्रेस इस मामले को जोर-शोर से उठाने की तैयारी में है।