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कैबिनेट में जगह पाने को तीन सीपीएस और एक विधायक रेस में
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Wed, 31 May 2017 01:41 PM IST
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cabinet reshuffle
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कांग्रेस संगठनात्मक चुनाव टालने में सफल रहे मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह अब विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मंत्रिमंडल विस्तार करने जा रहे हैं। आयुर्वेद मंत्री कर्ण सिंह के निधन से रिक्त हुए पद पर किसी एक विधायक की ताजपोशी होनी है। विधानसभा चुनावों के लिहाज से मुख्यमंत्री अपनी कैबिनेट में क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश कर सकते हैं।
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मुख्य संसदीय सचिव जगजीवन पाल, राजेश धर्माणी, नीरज भारती और विधायक राकेश कालिया भी रेस में बताए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के करीबियों में सुलह के विधायक जगजीवन हैं तो क्षेत्रीय संतुलन में धर्माणी पर दांव खेल सकते हैं। मुख्यमंत्री की कैबिनेट में 10 मंत्री हैं, जबकि कर्ण सिंह के निधन से एक पद रिक्त चल रहा है। कांगड़ा और मंडी जिले से सर्वाधिक विधायकों को कैबिनेट में स्थान दिया गया है।
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कांगड़ा में 15 विधानसभा सीटें हैं, जबकि मंडी में 10 सीटें हैं। दोनों जनपदों से तीन-तीन मंत्री हैं। विधानसभा सीटों के हिसाब से तीसरे बड़े जनपद शिमला से खुद मुख्यमंत्री वीरभद्र और मंत्री विद्या स्टोक्स हैं। हालांकि नौ मुख्य संसदीय सचिवों में मंत्री पद से विहीन जनपदों को स्थान दिया गया है। अब संसदीय सचिवों से मंत्री पद पर अपग्रेड करने की रणनीति पर कांग्रेस काम कर रही है, जिससे दो विधायक एडजस्ट हो सकें।
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सीपीएस जगजीवन पाल अपनी वरिष्ठता के साथ सुलह विधानसभा क्षेत्र से आते हैं। यह पूरा क्षेत्र सांसद शांता कुमार का गढ़ माना जाता है। ऐसे में कांगड़ा में वर्ष 2012 के चुनाव का प्रदर्शन दोहराने के लिए जगजीवन पाल मुख्यमंत्री की पसंद माने जा रहे हैं। इसी के साथ कांगड़ा जनपद से मुख्य संसदीय सचिव नीरज भारती भी अपना कद बढ़ाने की दौड़ में दिख रहे हैं।
दोनों ही सीपीएस मुख्यमंत्री के खेमे के माने जाते हैं। सीपीएस राजेश धर्माणी भले ही दोनों की तरह उतने करीबी नहीं हैं, लेकिन क्षेत्रीय समीकरण उनके अनुरूप हैं। धर्माणी बिलासपुर जनपद से आते हैं, जहां से कोई मंत्री नहीं है। बीच के क्षेत्र को तरजीह नहीं मिलने का मुद्दा धर्माणी पहले भी आलाकमान के समक्ष उठा चुके हैं।
उस समय धर्माणी की दलील दरकिनार कर बंजार के विधायक कर्ण सिंह को जगह दी गई। माना जा रहा है कि इस बार धर्माणी की पैरोकारी मजबूत है। इसके अलावा गगरेट के विधायक राकेश कालिया भी दावेदार माने जा रहे हैं।
कालिया के जनपद ऊना से मुकेश अग्निहोत्री मंत्री हैं, लेकिन कुछ समय से उनकी सीएम दरबार में पकड़ मजबूत हुई है। संगठन चुनाव का मामला सुलझने के बाद अब मुख्यमंत्री अपनी कैबिनेट पर जल्द विस्तार कर सकते हैं।