{"_id":"6246fca5d853c761fe74a739","slug":"himachal-cabinet-meeting-these-decisions-are-expected-to-be-taken-including-the-policy-of-outsourced-personnel-recruitment-of-multi-task-workers","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिमाचल कैबिनेट बैठक: आउटसोर्स कर्मियों की पॉलिसी, मल्टी टास्क वर्कर भर्ती समेत इन फैसलों पर लग सकती है मुहर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिमाचल कैबिनेट बैठक: आउटसोर्स कर्मियों की पॉलिसी, मल्टी टास्क वर्कर भर्ती समेत इन फैसलों पर लग सकती है मुहर
Fri, 01 Apr 2022 09:24 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 01 Apr 2022 09:24 PM IST
सार
हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में लोक निर्माण विभाग में पांच हजार मल्टी टास्क वर्करों के पदों को भरने आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए पॉलिसी बनाने की मंजूरी मिल सकती है। इसके अलावा अन्य कई बड़े फैसलों पर मुहर लग सकती है।
विज्ञापन
हिमाचल कैबिनेट की बैठक(फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल मंत्रिमंडल की बैठक सात अप्रैल को साढ़े दस बजे सचिवालय में होनी तय हुई है। सरकार की ओर से विभागाध्यक्षों को कैबिनेट के लिए एजेंडा तैयार करने को कहा गया है। कैबिनेट में लोक निर्माण विभाग में पांच हजार मल्टी टास्क वर्करों के पदों को भरने की मंजूरी मिल सकती है। बीते कैबिनेट की बैठक में यह मामला एजेंडे में शामिल था, लेकिन इस पर चर्चा नहीं हो पाई थी। प्रदेश सरकार आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए पॉलिसी बनाने पर विचार कर रही है। इसको लेकर मंडी में कैबिनेट सब कमेटी के अध्यक्ष और जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह की कर्मचारियों के साथ बैठक हुई है।
विज्ञापन
ऐसे में यह मामला भी कैबिनेट में लाया जा सकता है। शहरी विकास विभाग ने प्रदेश में शहरी रोजगार गारंटी योजना को लागू करने का प्रस्ताव तैयार किया है। इस मामले को भी कैबिनेट की बैठक में मंजूरी के लिए लाया जा सकता है। शिमला नगर निगम के दो महीने के भीतर नगर निगम चुनाव के चुनाव होने हैं। इसको लेकर कैबिनेट में रणनीति बन सकती है। इसके अलावा अनेक विभागों में खाली पदों को भी भरने की मंजूरी मिल सकती है।
विज्ञापन
वहीं, शुक्रवार को फोरलेन प्रभावितों की ओर से जो भी सुझाव सब कमेटी के समक्ष रखे गए उन्हें ध्यान में रखते हुए कमेटी अनुशंसा करेगी और मंत्रिमंडल की बैठक में प्रभावितों को उचित राहत प्रदान करने की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि जहां पर भी निर्माण कार्य किए जा रहे हैं, वहां पर स्थानीय लोगों की छोटी-छोटी समस्याओं का ध्यान रखा जाए ताकि उन्हें किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।
विज्ञापन