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हिमाचल: 43 हजार शिक्षकों की अंतर जिला तबादलों की बरसों पुरानी मांग पूरी
Sat, 25 Sep 2021 11:28 AM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 25 Sep 2021 11:28 AM IST
सार
सीएंडवी और जेबीटी का जिला कैडर है। सरकार ने शिक्षकों की नियुक्ति करते समय पांच जिलों का विकल्प दिया था। गृह जिले में वापसी के लिए सरकार ने पहली नियुक्ति वाले स्कूल में न्यूनतम 13 साल सेवाएं देने की शर्त रखी थी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में नियुक्त करीब 43 हजार शिक्षकों को बड़ी राहत देते हुए अंतर जिला तबादलों की निर्धारित अवधि को कम करने की बरसों पुरानी मांग को पूरा कर दिया है। 25 हजार जेबीटी और 18 हजार सीएंडवी शिक्षक अब गृह जिलों में तबादले करवा सकेंगे। सरकार ने तबादलों पर लगाई 13 वर्ष की शर्त घटाकर अब 5 वर्ष कर दी है। सीएंडवी और जेबीटी का जिला कैडर है। सरकार ने शिक्षकों की नियुक्ति करते समय पांच जिलों का विकल्प दिया था।
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गृह जिले में वापसी के लिए सरकार ने पहली नियुक्ति वाले स्कूल में न्यूनतम 13 साल सेवाएं देने की शर्त रखी थी। इस शर्त के चलते जेबीटी और सीएंडवी शिक्षकों को अपने गृह जिलों में वापसी के लिए लंबा वनवास भुगतना पड़ता था। शिक्षक संगठन 13 वर्ष की अवधि को घटाने की लंबे समय से मांग कर रहे थे। शुक्रवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में सरकार ने अंतर जिला तबादलों की अवधि को घटाकर शिक्षकों को बड़ी राहत दे दी है।
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उधर, सीएंडवी शिक्षक संघ ने स्थानांतरण नीति में संशोधन करने के लिए सरकार का आभार जताया है। प्रदेश अध्यक्ष चमन लाल शर्मा ने कहा कि सीएंडवी वर्ग का जिला कैडर होने के बावजूद अध्यापकों को 13 वर्ष से भी अधिक समय तक अपनी सेवाएं दूरदराज क्षेत्र के जिलों में देनी पड़ती थी। संघ ने कई बार सरकार के समक्ष इस मांग को रखा। फरवरी 2020 में सरकार ने केवल स्थानांतरण कोटा एक फीसदी से बढ़ा कर तीन फीसदी किया और समय अवधि 13 वर्ष ही रखी।
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सीएंडवी अध्यापक संघ ने दोबारा सरकार से अब केवल समय अवधि 13 वर्ष से घटाकर पांच वर्ष करने का दबाव बनाया। इसके बाद शिक्षा सचिव राजीव शर्मा ने मामला विधि विभाग को भेजा। विधि विभाग से फाइल शिक्षा सचिव कार्यालय में तीन महीने तक रही। संघ के आग्रह पर शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर ने 14 सितंबर को शिक्षा सचिव से बैठक कर इस मांग को हरी झंडी दे दी।