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पूर्व मुख्यमंत्रियों की सुविधाएं बढ़ाने पर कैबिनेट असहमत
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Sun, 06 Aug 2017 01:22 PM IST
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प्रदेश सरकार की ओर पूर्व मुख्यमंत्रियों की और सुविधाएं बढ़ाने के लाए प्रस्ताव को मंत्रियों ने खारिज कर दिया। मंत्रियों की दलील थी कि चुनाव से ऐन पहले ये फैसला सरकार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को नुकसान पहुंचा सकता है। पूर्व मुख्यमंत्री की स्वास्थ्य सुविधाओं के तहत काफिले में डाक्टर सहित एंबुलेंस, एक एसयूवी गाड़ी और आवास के बाहर हथियार बंद पुलिस कर्मचारियों का सुरक्षा घेरा बढ़ाने की तैयारी थी।
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बताया जा रहा है कि मंत्रियों को यह भी डर था कि वीआईपी कल्चर को समाप्त करने का नारा देने वाली भाजपा सुविधाएं बढ़ाने के मामले को चुनावी मुद्दा बना सकती है। सूत्रों के मुताबिक पूर्व मुख्यमंत्रियों की सुविधाएं बढ़ाने के प्रस्ताव के अलावा कैबिनेट में उद्योगों को राहत देने के मामले में भी कुछ मंत्रियों ने अपनी असहमति जताई है।
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सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्रियों को देय सुविधाओं को बढ़ाने के लिए कैबिनेट के एजेंडे में एक प्रस्ताव शामिल किया था। सूत्रों के अनुसार प्रस्ताव में पूर्व मुख्यमंत्रियों के काफिले में एक डाक्टर और एंबुलेंस के साथ चलने के साथ काफिले में एसयूवी सुरक्षा गाड़ी और पूर्व मुख्यमंत्री आवास पर मुख्यमंत्री आवास की तरह कड़ी पुलिस सुरक्षा का प्रावधान करने का उल्लेख था।
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एजेंडा कैबिनेट के सामने आया तो एक वरिष्ठ मंत्री ने आपत्ति दर्ज करवाई। उन्होंने तर्क दिया कि चुनाव से ठीक पहले सुविधाएं बढ़ाना पार्टी हित में नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रस्ताव के अनुपालन से होने वाला खर्च अधिक चिंताजनक नहीं है, लेकिन इसका जनता के बीच संदेश उचित नहीं जाएगा।
कुछ अन्य मंत्री भी सहमत थे कि प्रस्ताव की टाइमिंग सही नहीं है। वीआईपी कल्चर से मामला जुड़ने के बाद और मंत्रियों की आम सहमति नहीं बनने से सरकार ने प्रस्ताव को वापस ले लिया। इसके अलावा उद्योग से संबंधित एक प्रस्ताव पर भी कुछ मंत्रियों ने अपनी आपत्ति जताई।
मंत्रियों की आम राय नहीं बनने पर सरकार ने तीन मंत्रियों की उपसमिति का गठन किया। उपसमिति में उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री, वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी और आबकारी मंत्री प्रकाश चौधरी को रखा गया है।
यह सुविधाएं बढ़ाने का था प्रस्ताव
- एक रेजिडेंट डाक्टर, काफिले में डाक्टर और एंबुलेंस
- काफिले में एक एसयूवी गाड़ी, ड्राईवर सहित
- पसंद के दो सुरक्षा अधिकारी रहेंगे अटैच
- लैंडलाइन या मोबाइल फोन खर्च 50 हजार प्रतिवर्ष
- आवास के बाहर आर्मड गार्ड की सुविधा
- अन्य प्रशासनिक खर्च के लिए एक लाख प्रतिवर्ष