एक क्लिक में पढ़ें कैबिनेट के ये 10 बड़े फैसले
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हिमाचल सरकार ने राज्य के विधायकों के वाहनों पर लालबत्ती लगाने की मांग दोबारा खारिज कर दी है। मंगलवार शाम तपोवन विधानभवन में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इस मसले पर लंबे समय तक चर्चा हुई।
तय हुआ कि विधायक अपने वाहनों पर केवल एंबर यानी संतरी बत्ती ही लगा सकेंगे। कैटेगिरी अलग करने के लिए फैसला लिया गया कि अब सभी अफसर नीली बत्ती ही प्रयोग करेंगे।
विधायकों के विरोध को शांत करने के लिए ये फैसला भी हुआ कि डेड बॉडी वैन से एंबर लाइट हटाई जाएगी। इन गाडि़यों को किसी और रंग की लाइट मिलेगी।
खनन पट्टों की प्रक्रिया आसान
राज्य में खनन पट्टों की प्रक्रिया को और आसान करते हुए कैबिनेट ने 8 हेक्टेयर तक की माइनिंग लीज केवल हिमाचलियों के लिए आरक्षित कर दी। अब 10 साल तक मिलेगी 5 हेक्टेयर तक की लीज।
कैबिनेट ने फैसला लिया कि सिरमौर में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज को नाहन अस्पताल परिसर में ही स्थापित किया जाए। इसके लिए पहले निजी भूमि खरीदने की योजना थी। इसके लिए राज्य सरकार को अठारह करोड़ की धनराशि खर्च करनी पड़ रही थी।
कैबिनेट ने एक और बड़ा फैसला लेते हुए पॉलीटेक्निक छात्रों को थर्ड ईयर में एडमिशन के लिए स्पेशल चांस दे दिया। फर्स्ट ईयर में कंपार्टमेंट आने के बाद इन्होंने सेंकेड ईयर में प्रवेश ले लिया था। ये मसला काफी समय से विवादित रहा है।
डाक्टरों के भरें जाएंगे 100 पद
मंत्रिमंडल ने राज्य में डाक्टरों के 100 पद का भी निर्णय लिया। शिमला की धामी पीएचसी को स्टाफ दिया गया। ऊना जिला के टाहलीवाल को नगर पंचायत का दर्जा देने का फैसला लिया गया।
रामपुर नगर परिषद का दायरा बढ़ेगा। धर्मशाला के जोनल अस्पताल को सीटी स्कैन मशीन देने का भी फैसला लिया गया। कैबिनेट ने राज्य की बायोमास पॉलिसी को भी मंजूरी दे दी।