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हिमाचल उपचुनाव: मंडी संसदीय सीट से कांग्रेस प्रत्याशी प्रतिभा की जीत से टूटा 70 साल का ये मिथक

Tue, 02 Nov 2021 06:18 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी Published by: Krishan Singh Updated Tue, 02 Nov 2021 06:18 PM IST
सार

हिमाचल के मंडी संसदीय उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी प्रतिभा की जीत से 70 साल का मिथक टूट गया है। अगले तीन साल तक अब मंडी का सांसद विपक्ष में बैठेगा। ऐसा पहली बार होगा। इन उपचुनाव में 70 साल से चली आ रही परंपरा टूट गई है।

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Himachal byelection result: Congress candidate Pratibha Singh won from Mandi parliamentary seat, This interesting history of 67 years broken
कांग्रेस प्रत्याशी प्रतिभा सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

13 दिन से अधिक कभी विजेता सांसद के विपक्ष में न बैठने का हिमाचल प्रदेश के मंडी संसदीय क्षेत्र का रोचक क्रम टूट गया है। अगले तीन साल तक अब मंडी का सांसद विपक्ष में बैठेगा। ऐसा पहली बार होगा।  मंडी लोकसभा सीट के इतिहास पर नजर दौड़ाएं तो 1952 में यहां से दो सदस्य चुने जाते थे और इसका नाम महासू था। उस समय गोपी राम व रानी अमृतमौर सांसद बनी थीं। इसके बाद 1957 में मंडी के राजा जोगिंदर सेन, 1962 व 1967 में सुकेत के राजा ललित सेन, 1971 में वीरभद्र सिंह चुनाव जीते। इन सब के कार्यकाल में केंद्र में कांग्रेस की सरकारें बनीं।

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1977 में ठाकुर गंगा सिंह जनता पार्टी के टिकट पर जीते और केंद्र में जनता पार्टी की सरकार बनी। 1980 में फिर वीरभद्र सिंह जीते व केंद्र में कांग्रेस ने सता हासिल की। 1984 में पंडित सुख राम की जीत हुई और वह इंदिरा गांधी व राजीव गांधी की सरकार में शामिल हुए। 1989 में जब यहां से भाजपा के महेश्वर सिंह जीते तो केंद्र में भाजपा के समर्थन से वीपी सिंह की सरकार बनी। 1991 में पंडित सुखराम जीते व संचार मंत्री बने। 1996 में फिर से पंडित सुखराम जीते व केंद्र में कांग्रेस के समर्थन से देवगौड़ा की सरकार बनी।
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ये भी पढ़ें: हिमाचल उपचुनाव परिणाम: मंडी संसदीय सीट से कांग्रेस प्रत्याशी प्रतिभा सिंह जीतीं, विधानसभा क्षेत्रों में भी 'हाथ' को मिला साथ
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1996 में जब पंडित सुखराम जीते थे तो उस समय अटल विहारी वाजपेयी की सरकार बनी थी, मगर वह महज 13 ही दिन चली और फिर से कांग्रेस के समर्थन वाली सरकार बन गई थी।  1998 व 1999 में भाजपा के महेश्वर सिंह सांसद बने, जबकि केंद्र में भाजपा नीत अटल विहारी वाजपेयी की सरकार बनी। 2004 में कांग्रेस के टिकट पर प्रतिभा सिंह ने जीत हासिल की जबकि 2009 में वीरभद्र सिंह सांसद चुने गए। दोनों ही बार कांग्रेस की सरकारें थीं। वीरभद्र सिंह इसमें मंत्री भी बने। 2013 में हुए उपचुनाव में प्रतिभा सिंह चुनी गईं, तब भी केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी। 2014 व 2019 में भाजपा के रामस्वरूप शर्मा सांसद चुने गए । इस दौरान केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार चल रही है। लेकिन इन उपचुनाव में 70 साल से चली आ रही परंपरा टूट गई है।


समधी महेश्वर से पहला चुनाव हारी थीं प्रतिभा
प्रतिभा सिंह 1998 में सक्रिय राजनीति में आई थीं। पहला चुनाव इसी संसदीय क्षेत्र से लड़ा था, जब भाजपा के महेश्वर सिंह ने उन्हें करीब सवा लाख मतों से पराजित किया था। महेश्वर सिंह उनके समधी हैं। 1998 में केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनी थी। सरकार 13 माह ही चल पाई थी। 1999 में लोकसभा का दोबारा चुनाव हुआ था। प्रतिभा सिंह ने यह चुनाव नहीं लड़ा था। 2004 के आम लोकसभा चुनाव में उन्होंने दूसरी बार अपनी किस्मत आजमाई थी। समधी महेश्वर सिंह से 1998 की हार का बदला लेकर वह पहली बार लोकसभा सदस्य निर्वाचित हुई थीं। 2009 का लोकसभा चुनाव उनके पति पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह ने लड़ा था। 

2012 में प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के बाद वीरभद्र सिंह ने लोकसभा से त्यागपत्र दे दिया था। 2013 में उपचुनाव हुआ तो प्रतिभा तीसरी बार मैदान में उतरीं। वर्तमान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को करीब 1.39 लाख मतों से शिकस्त देकर दूसरी बार संसद सदस्य निर्वाचित हुई थीं। इसके साल भर बाद 2014 में लोकसभा चुनाव हुआ था। मोदी लहर में भाजपा के रामस्वरूप शर्मा ने उन्हें 39 हजार से अधिक मतों से पराजित किया था। प्रदेश में उस समय कांग्रेस सरकार थी। प्रतिभा सिंह की हार से सब दंग रह गए थे। इस बार करीब सात साल बाद प्रतिभा सिंह दोबारा चुनावी अखाड़े में उतरीं और जीत दर्ज की।

मंडी संसदीय सीट पर अब तक जीते सांसद

1952 : अमृत कौर , गोपी राम कांग्रेस
( मंडी महासू  के नाम से दो सदस्यीय सीट थी)
1957: जोगिंदर सेन कांग्रेस
1962: ललित सेन कांग्रेस
1967: ललित सेन कांग्रेस
1972: वीरभद्र सिंह कांग्रेस
1977: ठाकुर गंगा सिंह जनता पार्टी
1980: वीरभद्र सिंह कांग्रेस
1984: पंडित सुखराम कांग्रेस
1989: महेश्वर सिंह भाजपा
1991: पंडित सुखराम कांग्रेस
1996 : पंडित सुखराम कांग्रेस
1998: महेश्वर सिंह भाजपा
1999: महेश्वर सिंह भाजपा
2004: प्रतिभा सिंह कांग्रेस
2009: वीरभद्र सिंह कांग्रेस
2013: (उपचुनाव) प्रतिभा सिंह कांग्रेस
2014: राम स्वरूप शर्मा भाजपा
2021: (उपचुनाव) प्रतिभा सिंह कांग्रेस

 
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