बेरोजगारी भत्ते और नौकरी देने के वायदे पर घिर गई वीरभद्र सरकार
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प्रदेश भाजपा बेरोजगारी भत्ता को चुनावी मुद्दा बना सकती है। प्रदेश सरकार ने बेरोजगारी भत्ता देने से इंकार कर दिया है। सरकार का कहना है कि कौशल विकास के तहत युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें नौकरियां उपलब्ध कराई जा रही हैं। सत्ती ने कहा कि बेरोजगारी भत्ते को लेकर ही कांग्रेस सरकार सत्ता में आई थी, लेकिन अब सरकार अपने वायदे से मुकर रही है।
आने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि बेरोजगारी भत्ते के तहत युवाओं को 1000 रुपये जबकि दिव्यांग को 1500 रुपये देने की बात कही गई थी। लेकिन अब सरकार बेरोजगारी भत्ते को कौशल विकास के साथ जोड़ रही है। इसमें भी प्रदेश सरकार चहेते एनजीओ को फायदा पहुंचा रही है।
अधिकतर एनजीओ कांग्रेस नेताओं के रिश्तेदारों और उनके चहेतों की हैं। सत्ती ने कहा कि बेरोजगारी की समस्या से निपटने में विफ ल रही प्रदेश सरकार बेरोजगारों के आंकड़ों को कम दिखाने का प्रयास कर रही है। प्रदेश में रोजगार कार्यालयों के अनुसार बेरोजगार युवाओं की संख्या लगभग 9 लाख है, जबकि वास्तविकता में प्रदेश में बेरोजगार युवा इससे भी कहीं अधिक है।
सरकार सच्ची तो रोजगार पर श्वेत पत्र जारी करे
भाजपा विधायक सुरेश भारद्वाज, वीरेंद्र कंवर, कर्नल इंद्र सिंह, राजीव सहजल और विक्रम जरियाल ने कहा कि रोजगार के संदर्भ में नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल की ओर से जारी बयान को नकाराना कांग्रेस की पुरानी आदत है। अगर सरकार खुद को सच्चा मानती है तो वह चार वर्ष में सरकारी क्षेत्र में दिए रोजगार पर श्वेत पत्र जारी करे।
साथ ही स्पष्ट करे कि प्रदेश में किस-किस विभाग में कितने लोगों को रोजगार दिया जा चुका है। जिलावार दिए गए रोजगार की स्थिति भी स्पष्ट करे। भाजपा नेताओं ने कहा कि क्या यह प्रदेश सरकार के लिए शर्मनाक नहीं है कि प्रदेश के विभिन्न रोजगार कार्यालयों में लगभग 9 लाख बेरोजगार दर्ज हैं और इनमें से पिछले दो सालों में मात्र 1150 लोगों को रोजगार मिल पाया है।
अगर सरकार के इन दावों को भी सही मान लिया जाए कि सरकार रोजगार कार्यालयों के अतिरिक्त भी लोगों को रोजगार दे चुकी है तो क्या भाजपा के उन आरोपों की पुष्टि नहीं कर रही है कि वर्तमान कांग्रेस कार्यकाल में नियमों को दरकिनार करके चिटों पर भर्तियां की जा रही है । उन्होंने कहा कि चुनाव पूर्व कांग्रेस ने वायदा किया था कि वह भर्तियां प्रदेश सर्विस सिलेक्शन बोर्ड व अधिकृत चयन संस्था से करवाएगी।
लेकिन प्रदेश सरकार ने चयन बोर्ड को दरकिनार करके स्वयं विभागों द्वारा भर्तियां प्रारंभ कीं। इसमें बड़े स्तर पर धांधली व भ्रष्टाचार के आरोप सरकार पर लगे हैं, जिस तरह से कोआपरेटिव बैंकों में नियमों को दरकिनार करके अपने चहेतों को नौकरियां दी गई हैं । प्रदेश के पढ़े लिखे बेराजगार युवाओं को दरकिनार कर उनसे अन्याय किया जा रहा है।
रजवाड़ाशाही मानसिकता ले डूबेगी वीरभद्र को : सत्ती
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतपाल सत्ती ने कहा कि रजवाड़ाशाही मानसिकता वीरभद्र सिंह को ले डूबेगी। सत्ती शुक्रवार को ऊना के फतेहवाल में आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे। सत्ती ने कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त हिमाचल बनाने के लिए प्रदेश की जनता तैयार है और वीरभद्र सिंह को चुनावों में जनता विदाई देगी। उन्होंने कहा कि सीएम को समझ लेना चाहिए कि अब उनके दिन लद चुके हैं।
उन्होंने कहा कि चार सालों में प्रदेश का नुकसान करने का काम कांग्रेस सरकार ने किया है। एक भी उपलब्धि प्रदेश सरकार प्राप्त नहीं कर पाई है। कुर्सी बचाने के लिए प्रयास होते आ रहे हैं। सत्ती ने कहा कि उम्र व अनुभव में वरिष्ठ होने के बावजूद वीरभद्र सिंह अनुभवी होने जैसी कोई बात नहीं कर पाए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के लोग जहां वीरभद्र को सत्ता से बाहर होता देखना चाहते हैं, वहीं जनता भी तानाशाह शासक को आगामी विधानसभा चुनावों में बुरी तरह पराजित करेगी।
न्होंने कहा कि भाजपा ने तथ्यों सहित चार्जशीट दी है। राज्यपाल को इस चार्जशीट की जांच स्वतंत्र एजेंसी से करवानी चाहिए। सत्ती ने इस अवसर पर लोगों से कैशलेस भुगतान की प्रक्रिया अपनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर रमेश, राकेश, सुखदेव सिंह, सतपाल शर्मा, चौधरी जागीरी लाल, जगन्नाथ, होशियार सिंह, ज्ञान चंद, तेलू राम, जीत राम, जगदीश राम, सतीश कुमार, कश्मीरी लाल, तरसेम लाल व नरेश सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।