क्रशर संचालकों ने दबाए सरकार के अरबों रुपए, सदन में हुआ खुलासा
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हिमाचल में संचालित हो रहे 326 क्रशर मालिकों ने सरकार के डेढ़ अरब रुपये दबा रखे हैं। अभी तक इन स्टोन क्रशरों ने कंपाउंडिंग फीस और जुर्माना के रूप में इनती धनराशि की सरकार को अदायगी नहीं की है। अदायगी सरकार ने क्रशर मालिकों को नोटिस भेजे थे। इनके जवाब सरकार को मिल गए हैं। इनका अभी परीक्षण किया जाना है।
वहीं, कई क्रशर मालिकों ने शपथ पत्र देकर लंबित धनराशि को शीघ्र जमा करवाने की बात कही है। प्रदेश में स्टोन क्रशरों से उत्पादित की जाने वाली रैत और बजरी के मूल्य निर्धारण का कोई भी प्रावधान नहीं किया गया है। धर्मपुर के विधायक महेंद्र सिंह और सरकाघाट के विधाक इंद्र सिंह के सवाल के जवाब में उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि 2013-14 में प्रदेश के किसी भी स्टोन क्रशर से कंपाउंडिंग शुल्क वसूलना शेष नहीं है।
लेकिन, कोर्ट के आदेशानुसार स्टोन क्रशरों पर करीब एक अरब 42 करोड़ 54 लाख 47 हजार 502 रुपये कंपाउंडिंग फीस और जुर्माना लगाया गया था। इसमें से चार करोड़ 31 लाख 82 हजार 979 रुपये क्रशर मालिकों ने जमा करवा दिए हैं, जबकि करीब एक अरब 38 करोड़ 22 लाख 64 हजार 523 रुपये अभी नहीं जमा करवाए हैं।
आयुर्वेदिक डॉक्टरों के 108 पद भरे जाएंगे: कर्ण
आयुर्वेदिक विभाग में डॉक्टरों के 108 पद भरे जाएंगे। इनमें 50 प्रतिशत कर्मचारी चयन आयोग और 50 फीसदी पद बैचवाइज भरे जाएंगे। यह खुलासा आयुर्वेद मंत्री कर्ण सिंह ने तपोवन विस स्थित अपने कार्यालय में ‘अमर उजाला’ से बातचीत में किया। कहा कि
सूबे के हर आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की तैनाती का प्रयास होगा। यदि डॉक्टर नहीं मिले तो वहां फार्मासिस्ट तैनात होगा, ताकि लोगों को समुचित स्वास्थ्य सेवाएं मिलें। कहा कि आयुर्वेद फार्मासिस्टों के 150 पद भरने का फैसला कल बुधवार को होने वाली कैबिनेट मीटिंग में लिया जा सकता है।
बजौरा में अस्पताल, हर्बल गार्डन खुलेगा
कर्ण सिंह ने खुलासा किया कि कुल्लू के बजौरा में जल्द दस बिस्तर का अस्पताल और आयुर्वेद हर्बल गार्डन खोला जाएगा। इसके लिए केंद्रीय आयुष विभाग ने मंजूरी दे दी है। डीपीआर बनाई जा रही है। इस पर साढ़े सात करोड़ खर्चे जाएंगे।
अप्रैल में मनाली में राष्ट्रीय आरोग्य मेला
मंत्री ने कहा कि शिमला में राज्य स्तरीय आरोग्य मेले के सफल आयोजन के बाद अगले साल अप्रैल में कुल्लू-मनाली में राष्ट्रीय स्तर पर आरोग्य मेले का आयोजन होगा। इसके जरिये प्रदेश में जड़ी-बूटियों का उत्पादन करने वाले लोगों को इनकी ब्रांडिंग और मार्केटिंग के बारे में जागरूक किया जाएगा।
हिमाचल में नियमित नहीं होंगे ग्राम रोजगार सेवक
राज्य की विभिन्न पंचायतों में कार्यरत ग्राम रोजगार सेवक नियमित नहीं होंगे। इन्हें नियमित करने का प्रदेश सरकार का कोई विचार नहीं है। हालांकि, सात साल का सेवाकाल पूरा करने वाले ग्राम रोजगार सेवकों को पंचायत सचिव के बराबर नियमित वेतनमान देने का प्रावधान है। सरकार के इस फैसले से करीब एक हजार ग्राम रोजगार सेवकों के नियमितीकरण की आस पर विराम लग गया है।
चुराह के विधायक के सदन में रखे प्रश्न के उत्तर में ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री अनिल शर्मा ने बताया कि राज्य में 30-11-2016 तक 993 ग्राम रोजगार सेवक, जबकि 1036 तकनीकी सहायक कार्यरत हैं। तकनीकी सहायक सरकार की वर्तमान नीति के अनुसार सात साल का सेवाकाल पूरा करने के बाद नियति वेतनमान के पात्र होंगे, जबकि कनिष्ठ प्रारूपकार के समान मनरेगा मद से ही नियमित वेतनमान देने का निर्णय लिया है।
नोटबंदी के बाद एचआरटीसी को मिले 25 करोड़ के पुराने नोट
नोटबंदी के बाद नवंबर माह में एचआरटीसी को पुराने नोटों के रूप में 25 करोड़ से अधिक की धनराशि प्राप्त हुई। इसमें 500 के 328139 नोटों के रूप में 18 करोड़ 43 लाख 23 हजार 500 रुपये मिले हैं। एक हजार के 72370 नोटों के रूप में सात करोड़ 23 लाख 70 हजार रुपये एचआरटीसी ने विभिन्न बुकिंग सेंटर में प्राप्त किए।
ऊना के विधायक सतपाल सत्ती के प्रश्न के जवाब में परिवहन मंत्री जीएस बाली ने बताया कि आठ से 30 नवंबर तक विभिन्न डिपुओं में अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नोट बदले जाने की कोई शिकायत नहीं आई है। बताया कि बैंकों में भारी भीड़ के कारण खेपन कार्यालय दिल्ली से आठ से 19 नवंबर तक 500 और 1000 के नोटों का कोई विवरण नहीं मिला है।
175 स्कूल-कॉलेज खोले, भवन सिर्फ तीन को मिले
राज्य में पिछले साढ़े तीन साल में खुले नए सरकारी शैक्षणिक संस्थानों में से अभी तीन प्राइमरी स्कूलों को छोड़कर किसी को भी अपना भवन नहीं मिला है। सरकार ने एक अप्रैल, 2013 से 31 जुलाई, 2016 तक प्रदेश में 37 महाविद्यालय खोले हैं। दो वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाएं और 136 प्राथमिक पाठशालाएं खोली गई हैं, लेकिन अभी तक इन शैक्षणिक संस्थानों को अपने भवन नहीं मिले हैं।
नाचन के विधायक विनोद कुमार, नयनादेवी के विधायक रणधीर शर्मा और चिंतपूर्णी के विधायक कुलदीप कुमार के प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बताया कि नई खुली तीन प्राथमिक पाठशालाओं के भवन बनकर तैयार हैं। 24 महाविद्यालयों और प्राथमिक पाठशालाओं के भवन निर्माणाधीन हैं। 146 शिक्षण संस्थानों के भवनों का निर्माण कार्य अभी शुरू नहीं हुआ है।
इन शैक्षणिक संस्थानों में भवन, स्टाफ और फर्नीचर आदि मूलभूत सुविधाएं देने को सरकार ने 2014-15 और 2016-17 में कुल एक अरब सात करोड़ 79 लाख 50 हजार 674 रुपये बजट का प्रावधान किया है। नए खोले महाविद्यालयों में 273 और दो वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं में पांच पद शिक्षक वर्ग, 381 पद गैर शिक्षक वर्ग के स्वीकृत किए हैं। 136 प्राथमिक पाठशालाओं में 266 पद शिक्षकों के स्वीकृत किए हैं।
नहीं होगा कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तार
कांगड़ा स्थित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के विस्तारीकरण के लिए कोई योजना सरकार ने केंद्र को नहीं भेजी है। हालांकि, सरकार ने नगर विमानन मंत्री भारत सरकार से हवाई पत्तन के विस्तार का अनुरोध किया था। जोगिंद्रनगर के विधायक गुलाब सिंह ठाकुर के सदन में रखे प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बताया कि सरकार ने कांगड़ा स्थित हवाई पत्तन के विस्तारीकरण की कोई योजना केंद्र को नहीं भेजी है।
सरकार ने 30 अगस्त को हवाई पत्तन के विस्तारीकरण को नगर विमानन मंत्री भारत सरकार से अनुरोध किया था। इस संदर्भ में एक नवंबर को पत्र के माध्यम से सूचित किया है कि अध्यक्ष भारतीय विमानापत्तन प्राधिकरण नई दिल्ली से प्रेषित सूचनानुसार सर्वेक्षण
के बाद कांगड़ा एयरपोर्ट के रन-वे की लंबाई बढ़ाने के लिए ज्यादा जमीन की जरूरत है। उक्त कार्य और अन्य सुविधाओं के लिए लगभग 153 एकड़ न्यूनतम भूमि की आवश्यकता है। इस आवश्यक भूमि समस्त बाधाओं और लागत मुफ्त भारतीय विमानापत्तन प्राधिकरण नई दिल्ली को उपलब्ध करवाई जाए।
तीन साल में बैंकों में 500 से अधिक को मिली नौकरी
साल 2013 से लेकर अब तक केसीसी बैंक और अन्य कोआपरेटिव बैंकों में विभिन्न पदों को भरने के लिए भर्तियां की गई हैं। इसके माध्यम से बैंकों में रिक्त पदों को भरा गया है। इस दौरान कुल 500 लोगों को नौकरी मिली है। सहकारिता मंत्री कर्ण सिंह ने कुटलेहड़ के विधायक वीरेंद्र कंवर के सदन में रखे प्रश्न के जवाब में बताया कि केसीसी बैंक धर्मशाला में 2013 से लेकर अब तक ग्रेड-3 के 15, कंप्यूटर ऑपरेटर के 10 पद, जूनियर क्लर्क के 73, जूनियर क्लर्क (सेक्रेटरी कोआपरेटिव सोसायटी) के 20, जूनियर क्लर्क इंप्लाइज कॉरपोरेशन सोसायटी में एक और ड्राइवर के दो पदों को भरा है।
वहीं एचपी स्टेट कोऑपरेटिव बैंक शिमला में 2013 में असिस्टेंट मैनेजर के 21 पद, ड्राइवर एक, 2014 में प्रोग्रामिंग असिस्टेंट के सात, स्टेनो चार, जूनियर क्लर्क 106, 2015 में चार ड्राइवर, 2016 में 159 जूनियर क्लर्क, एक ड्राइवर, 2014 में दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, जबकि द जोगिंद्रा सेंट्रल को-ऑप्रेटिव बैंक सोलन में एग्जीक्यूटिव और एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट के 27 पद, चतुर्थ श्रेणी के आठ, द परवाणू अर्बन को-ऑप्रेटिव बैंक लिमिटेड सोलन में अकाउंटेंट एग्जीक्यूटिव के 17, सब स्टाफ के आठ पद भरे। इसके अलावा द चंबा अर्बन को-ऑप्रेटिव बैंक में क्लर्क और चौकीदार के दो-दो पद भरे हैं।
वेतन विसंगति दूर करने को नहीं बनाया कोई आयोग
तपोवन (कांगड़ा)। सरकार ने कर्मचारियों के वेतन संबंधी विवाद और विसंगतियां दूर करने को किसी तरह का कोई आयोग गठित नहीं किया है। शीत सत्र के दौरान झंडूता के विधायक रिखीराम कौंडल के प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बताया कि सरकार ने
प्रदेश कांग्रेस पार्टी के घोषणापत्र के अनुसार कर्मचारियों के वेतन संबंधी विवाद और विसंगतियां दूर करने को प्रदेश स्तर पर कोई आयोग गठित नहीं किया है। वित्त सचिव की अध्यक्षता में एक एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया है। समिति ने विभिन्न विभागों की विभिन्न श्रेणियों के विवादों और विसंगतियों को दूर करने के लिए संस्तुतियां दी हैं।