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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal Assembly: Tapovan heated up on many issues in the longest winter session, CM became the shield of min

हिमाचल विधानसभा: सबसे लंबे शीत सत्र में कई मुद्दों पर तपा तपोवन, कई बार मंत्रियों की ढाल बने सीएम

Sat, 06 Dec 2025 10:28 AM IST
Krishan Singh सुरेश शांडिल्य, तपोवन (धर्मशाला)।
सुरेश शांडिल्य, तपोवन (धर्मशाला)। Published by: Krishan Singh Updated Sat, 06 Dec 2025 10:28 AM IST
सार

नौ साल बाद साल की सभी वांछित बैठकें पूरा करने का इतिहास रचने वाले इस सत्र में सत्ता पक्ष ने विपक्ष के हर तीर को काटने का प्रयास किया। 

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Himachal Assembly: Tapovan heated up on many issues in the longest winter session, CM became the shield of min
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू - फोटो : आईपीआर

विस्तार

 बर्फ को तरसते धौलाधार की ओट में बसे तपोवन में पहली बार हुए आठ दिन के सबसे लंबे शीतकालीन सत्र में खूब गरमाहट रही। नौ साल बाद साल की सभी वांछित बैठकें पूरा करने का इतिहास रचने वाले इस सत्र में सत्ता पक्ष ने विपक्ष के हर तीर को काटने का प्रयास किया। सभी मुद्दों पर आपदा और नशा भारी दिखे। केंद्र से आपदा में अनदेखी विपक्ष के खिलाफ सरकार का सबसे बड़ा हथियार रहा तो प्रतिपक्ष वित्तीय प्रबंधन, गारंटियों व अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरता रहा। 

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मंत्रियों को घेरते विपक्ष के सामने अनेक बार मुख्यमंत्री को उनकी ढाल बनना पड़ा। 26 नवंबर को जयराम ठाकुर के नेतृत्व में विपक्ष ने सारा काम रोककर चर्चा मांगी, जिसे मुख्यमंत्री ने मंजूर कर जैसे विपक्ष का पहला वार कुंद कर डाला। अगले सात दिन विपक्ष सदन के भीतर-बाहर हमलावर रहा। राजस्व मंत्री लगातार जयराम ठाकुर पर हमलावर रहे। बाद में यह लड़ाई विशेषाधिकार हनन के नोटिस तक बढ़ गई। जनता के मुद्दे जनप्रतिनिधियों की इस आत्मसम्मान की लड़ाई के बीच गौण होते भी नजर आए।

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पंचायत चुनाव, आपदा, विधायक क्षेत्र विकास निधि रोकना, आरएसएस पर टिप्पणी, कर्मचारियों को वित्तीय लाभ, चिट्टा, आंदोलनकारियों पर बल प्रयोग जैसे मुद्दे प्रमुखता से छाए रहे। धारा 118 में संशोधन हर सरकार के लिए एक संवेदनशील मामला रहा है। इसलिए सीएम ने विपक्ष के सुझाव को मानकर इसे चयन कमेटी को भेजने की बात कर मुद्दा उनके हाथ नहीं लगने दिया। सत्र के बीच राधे राधे कहने पर उठे विवाद को भी सीएम ने सूझबूझ से शांत किया, जब उन्होंने मंच से राधे-राधे, राम-राम व वंदे मातरम के नारे लगाकर विपक्ष का यह दांव भी नहीं चलने दिया।

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