विधानसभा सत्र: जगत नेगी बोले- विधायकों की संस्तुति के साथ नहीं लगेगी पटवारी की रिपोर्ट
आपदा राहत किसी गलत व्यक्ति को नहीं दी जाएगी। अगर कहीं ऐसा है तो इसकी छानबीन होगी। जगत सिंह नेगी ने कहा कि बहुत से सदस्यों ने मामला उठाया है कि पटवारी की रिपोर्ट होनी चाहिए। विधायक अगर कोई बात करेगा तो गलत बात नहीं करेगा।
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विधायकों ने अगर आपदा राहत के लिए कोई संस्तुति की हो तो पटवारी की रिपोर्ट नहीं लगेगी। यह बात राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने शुक्रवार को सदन में शाहपुर के कांग्रेस विधायक केवल सिंह पठानिया की ओर से भारी बरसात के कारण हुए नुकसान पर सरकार की ओर से लाए गए पुनर्वास कार्यों पर नियम 130 के तहत लाई गई चर्चा का जवाब देते हुए कही। आपदा राहत किसी गलत व्यक्ति को नहीं दी जाएगी। अगर कहीं ऐसा है तो इसकी छानबीन होगी। जगत सिंह नेगी ने कहा कि बहुत से सदस्यों ने मामला उठाया है कि पटवारी की रिपोर्ट होनी चाहिए। विधायक अगर कोई बात करेगा तो गलत बात नहीं करेगा। इस प्रावधान को वापस लिया जाना चाहिए। नेगी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य को आपदा प्रभावित क्षेत्र घोषित किया। अधिसूचित मापदंडों के तहत केंद्र से वांछित आर्थिक सहायता नहीं मिली है।
एक बात बड़ी स्पष्ट है कि सदन में विपक्ष के सदस्यों में से विचार-विमर्श के लिए बड़ा मुद्दा किसी ने नहीं उठाया। इसका मतलब यही हुआ कि आपदा के समय ठीक से काम हुआ है। नेगी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी सच के सिवा कुछ नहीं कहती है। कुछ जगह पर राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण ने ठीक से काम नहीं किया है। यह मामला सरकार के ध्यान में है। नेगी ने कहा कि सभी प्रदेशों के लिए योजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में आपदा आई तो वहां केंद्र से मदद की गई। पर हिमाचल के लिए उचित सहायता नहीं आई। भाजपा विधायक विनोद कुमार ने कहा कि जिसकी ईंट भी नहीं हिली, वहां लाभ नहीं दिया गया। इस पर मंत्री जगत सिंह नेगी बोले कि इसे जांचा जाएगा।
कांगड़ी धाम की बात करने वाले प्रधानमंत्री को क्यों नहीं आई याद
जगत सिंह नेगी ने कहा कि कांगड़ी धाम या हिमाचल प्रदेश से लगाव की बात करने वाले प्रधानमंत्री ने आपदा पर क्यों ध्यान नहीं दिया। केंद्र सरकार से हिमाचल को बहुत उम्मीद थी। केंद्र ने राज्य के मर्म पर नमक के सिवा कुछ नहीं लगाया। वह मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने राजनीतिक इच्छाशक्ति से आपदा में बहुत बेहतरीन प्रबंधन किया। उधर, सदन की बैठक 8:00 बजे तक बढ़ाई गई।