Himachal Assembly: सीएम सुक्खू बोले- पांच साल में स्वास्थ्य क्षेत्र में जो नुकसान हुआ, उसे ठीक किया जा रहा
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र को और सुधारना चाहती है। पिछले पांच साल में स्वास्थ्य क्षेत्र में जो नुकसान हुआ है, उसे ठीक किया जा रहा है।
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हिमाचल प्रदेश विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान लाहौल-स्पीति की कांग्रेस विधायक अनुराधा राणा के प्रश्न के उत्तर में स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में जल्दी ही भर्तियां होने वाली हैं। काजा और केलांग अस्पतालों में महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता के पद भरेंगे। सरकार ने इन दोनों क्षेत्रों में आदर्श स्वास्थ्य संस्थान खोले हैं। जल्दी ही आयोग के माध्यम से डॉक्टरों के 200 पद भी भर दिए जाएंगे। एनएचएम के माध्यम से 600 पद भरे जा रहे हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र को और सुधारना चाहती है। पिछले पांच साल में स्वास्थ्य क्षेत्र में जो नुकसान हुआ है, उसे ठीक किया जा रहा है। सभी 68 विधानसभा क्षेत्रों में आदर्श स्वास्थ्य संस्थान खोले गए हैं। यहां नौ स्टाफ नर्स, ओटीए और हर जगह उपकरण देने का काम किया गया है।
पूर्व सरकार ने सब कुछ मुफ्त कर रेवडियां बांटीं
कांग्रेस विधायक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि सरकार को मुफ्त बिजली की सुविधा बंद करने से राज्य सरकार को कितनी आय प्राप्त होगी। इस पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था और पिछली सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन से जुड़ा है। चुनाव से छह महीने पहले 125 यूनिट बिजली माफ कर दी गई। पानी भी माफ कर दिया गया। हिमाचल की जनता ने कांग्रेस की सरकार को सत्ता में लाया। आज गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य और खाद्य वस्तुएं नहीं दी जा पा रही हैं। वर्तमान सरकार ने जब पाया कि हिमाचल प्रदेश को आत्म निर्भर बनाना है तो पाया कि इसके लिए सभी वर्गों का साथ चाहिए।
जब उपदानों का आकलन किया तो 14 प्रकार के उपदान दिए जाते हैं। हम चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहे हैं। बिजली बोर्ड को भी आत्मनिर्भर बनाना है। बिजली बोर्ड को 2200 करोड़ रुपये का उपदान देना है। अभी उद्योगों की बिजली बंद नहीं की गई है। एक मीटर एक परिवार अभी बंद नहीं किया है। ये भाजपा के लोग जो आज नारे लगा रहे हैं, हमारे सामने आएं। सरकार ने नियम 130 पर चर्चा दी है, वे चाहते हैं कि इस पर चर्चा लाई जाए। अगर सरकार सरकारी कर्मचारियों को ओपीएस देते हैं तो सोच-समझकर देते हैं। 1500 रुपये देते हैं तो उसे भी सोच-समझकर देते हैं। इन्होंने तो सब कुछ मुफ्त कर रेवडियां बांट दीं।
राजस्व रिकॉर्ड देखने के लिए उर्दू के अनुवादक उपलब्ध करवाएगी सरकार : जगत नेगी
मनाली के विधायक भुवनेश्वर गौड़ के प्रश्न पर केवल सिंह पठानिया के अनुपूरक प्रश्न किया कि उर्दू के रिकॉर्ड को सरकार अपडेट करे, जिससे आम जनता को पढ़ने के पैसे न देने पड़े। जवाब में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि यह सही है कि उर्दू में ही रिकॉर्ड है। जहां अनुवाद की जरूरत होगी, सरकार वहां पर अनुवाद के लिए मदद करेगी। उन्होंने कहा कि राजस्व रिकाॅर्ड देखने के लिए उर्दू के अनुवादक उपलब्ध करवाए जाएंगे। नए रिकॉर्ड को सरकार सरल करेगी। फतेहपुर के कांग्रेस विधायक भवानी सिंह पठानिया ने कहा कि गूगल पर उर्दू का अनुवाद हो सकता है। अगर उर्दू का रिकॉर्ड स्कैन किया जाए तो इससे लाभ हो सकता है। इस पर मंत्री जगत सिंह नेगी बोले कि सदस्य ने बहु़त अच्छा सुझाव दिया है।